आगरा, जागरण संवाददाता। डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाएं शनिवार से शुरू हो गईं।। पहले दिन 36 परीक्षा केंद्रों पर 456 छात्रों ने परीक्षा दी। कुलपति ने प्रथम व तृतीय पाली में केंद्रों का निरीक्षण किया। उड़नदस्ते भी पहले ही दिन से सक्रिय हो गए।

कुलपति प्रो. आलोक राय ने प्रथम पाली में बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय का निरीक्षण किया। कालेज में एमए उत्तरार्ध गृह विज्ञान की परीक्षा थी। केंद्र पर सभी व्यवस्थाएं सुचारू मिलीं। तृतीय पाली में आगरा कालेज केंद्र का निरीक्षण किया, यहां दो कक्षों में परीक्षाएं चल रही थीं। कालेज में एमए उत्तरार्ध दर्शन शास्त्र और प्राचीन भारतीय इतिहास की परीक्षा थी। कालेज प्राचार्य डा. एसके मिश्रा ने कालेज के इतिहास के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि दो वर्ष बाद कालेज अपनी स्थापना के 200 साल पूरे करने जा रहा है।इस परीक्षा केंद्र पर भी परीक्षाएं व्यवस्थित रूप से चलती हुई मिलीं।

पहले चरण में बने चार उड़नदस्ते

पहले दिन चूंकि छात्रों की संख्या कम थी, इसलिए चार उड़नदस्ते ही बनाए गए हैं। बाद में इनकी संख्या बढ़ा दी जाएगी। पहले दिन किसी भी केंद्र से कोई शिकायत नहीं मिली। उड़नदस्तों ने निरीक्षण भी किया। केवल एक केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे ठीक प्रकार से काम नहीं कर रहे थे, जिन्हें ठीक कराने के लिए प्राचार्य को निर्देश दे दिए गए हैं। आगामी परीक्षाओं में आठ जिलों में अलग-अलग उड़न दस्ते भेजे जाएंगे। उड़नदस्तों द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सीसीटीवी कैमरे ठीक से काम करें। उड़नदस्तों का प्रभारी प्रो. मनोज श्रीवास्तव को बनाया गया है।

14 अगस्त के बाद होगी परीक्षा फार्म भरने से वंचित छात्रों की परीक्षा

डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में परीक्षा फार्म भरने से वंचित छात्रों को इसी सत्र में परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा। कुलपति ने शनिवार को वार्ता में जानकारी दी कि 14 अगस्त के बाद वंचित छात्रों की परीक्षा कराई जाएगी। उससे पहले उन्हें फार्म भरने का मौका दिया जाएगा।

पिछले कई दिनों से विश्वविद्यालय में परीक्षा फार्म भरने से वंचित छात्रों के हक की लड़ाई छात्र संगठन लड़ रहे हैं। छात्र संगठनों का दावा है कि लगभग 10 से 15 हजार छात्र ऐसे हैं, जो परीक्षा फार्म नहीं भर पाए हैं। छात्र संगठनों की मांग थी कि फार्म भरने की तिथि को विस्तारित किया जाएगा। इसके लिए एनएसयूआइ, समाजवादी छात्र सभा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रदर्शन किए, धरना दिया, पानी की टंकी पर चढ़े, अर्थी निकाली और जलाई, पुतला भी फूंका। पर विश्वविद्यालय द्वारा तिथि को विस्तारित नहीं किया गया। शुक्रवार शाम आगरा पहुंचे कुलपति प्रो. आलोक राय ने वस्तुस्थिति का जायजा लिया। तिथि विस्तारित करने के बिंदुओं पर एजेंसी और अधिकारियों के साथ चर्चा भी की। जानकारी मिली कि अभी मुख्य परीक्षाएं केवल बीए, बीएससी, बीकाम, एमए, एमएससी और एमकाम की हो रही हैं। प्रोफेशनल पाठ्यक्रम, विधि, एग्रीकल्चर व अन्य पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं अभी बची हैं। तब यह निर्णय लिया गया कि इन वंचित छात्रों की परीक्षा उनके साथ कराई जाएगी।परीक्षा समिति में यह प्रस्ताव रखा जाएगा, तिथि घोषित की जाएगी।2020-21 में ही उनकी परीक्षा होकर, परिणाम भी इसी साल मिलेगा।

90 फीसद परीक्षा केंद्र मानकानुसार

कुलपति ने बताया कि 90 फीसद परीक्षा केंद्र मानकानुसार बनाए गए हैं। 80 फीसद आपत्तियों को दूर किया गया।पारदर्शिता रखी गई है।जो केंद्र अदला-बदली में बने हैं, वहां वरिष्ठ शिक्षकों को पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया जाएगा।

नियंत्रण कक्ष किया शिफ्ट

विश्वविद्यालय का नियंत्रण कक्ष कुलपति सचिवालय के ऊपर बनाया गया था। शनिवार सुबह नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण करने पहुंचे कुलपति ने प्रभारी प्रो. वीके सारस्वत के कहने पर इसे आइईटी, खंदारी में शिफ्ट कर दिया गया है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी का नियंत्रण कक्ष सेंट जोंस कालेज में बनाया गया है। उस नियंत्रण कक्ष का भी कुलपति ने निरीक्षण किया, इस दौरान कालेज प्राचार्य डा. एसपी सिंह भी उपस्थित रहे।

दिए गए काफी मौके

कुलपति का कहना था कि मुख्य परीक्षा में प्रोन्नत किए जाने वाले और परीक्षा देने वाले छात्रों द्वारा अपने परीक्षा फार्म भरने के लिए तीन अप्रैल को पोर्टल खोला गया था। उसके बाद कई बार तिथि विस्तारित की गई, एक मई, 25 मई और तीन जून के बाद 11 जुलाई तक का समय दिया गया था। इस अवधि में प्रथम वर्ष के 1,59,836, द्वितीय व तृतीय वर्ष के 2,66,220 छात्रों द्वारा फार्म भरे गए थे।प्रोन्नत किए जाने वाले छात्रों की प्रक्रिया भी प्रगति पर है।

Edited By: Prateek Gupta