आगरा, जागरण टीम। भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली गोकुल में गुरुवार की शाम नंद किला नंद भवन मंदिर में भगवान की छठी पूजी गई। श्रद्धालुओं को पूड़ी, हलवा का प्रसाद वितरित किया गया। शुक्रवार को जन्मोत्सव और शनिवार को नंदोत्सव का आयोजन होगा।

गोकुल के नंद किला नंदभवन मंदिर में गुरुवार को शाम सात बजे छठ पूजन किया गया। पंडितों द्वारा मंत्रोच्चारण कर छठ पूजन कराया गया। मंदिर पुजारी मथुरादास ने छठ पूजन किया। पूड़ी, हलवा का भोग लगाया गया। भगवान की जय-जयकार हुई। विवाहिताओं ने पुत्र प्राप्ति को भगवान से प्रार्थना की। मथुरादास ने बताया कि मैया यशोदा के आंगन में लाला छह दिन का था। मथुरा के राजा कंस ने बहन पूतना को गोकुल के सभी बच्चों को मारने के लिए भेजा था। भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी लीला के अनुसार पूतना का वध कर दिया। जिस दिन गोकुल पर संकट आया तो यशोदा मैया छठी पूजना भूल गईं। एक वर्ष बाद मैया यशोदा ने जन्म से एक दिन पहले छठ पूजन किया। इस कारण मंदिर में छठ पूजन जन्म से एक दिन पहले किया जाता है। मंदिर प्रबंधक गिरधारी लाल भाटिया ने बताया कि शुक्रवार रात 12 बजे कन्हैया का जन्म महोत्सव मनाया जाएगा। शनिवार को सुबह 11 बजे नंदोत्सव रास चबूतरा पर मनाया जाएगा। मंदिर के पट बंद कर पुजारी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। 

Edited By: Tanu Gupta