आगरा, जागरण टीम। ब्रज में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम रहती है, लेकिन गोकुल में अगले दिन नंदोत्सव में मनाया जाता है। नंदोत्सव में निकलने वाली शोभायात्रा में जिस श्रद्धालु पर लाला की छीछी (दही, हल्दी का मिश्रण) पड़ जाती है, वह अपने को धन्य समझता है। गोकुल में नंदोत्सव की तैयारियां चल रही हैं। नंदकिला नंदभवन मंदिर द्वारा करीब दो क्विंटल दही की छीछी तैयार की जाएगी। लोग घरों से भी यह प्रसाद तैयार कर लाते हैं।

ब्रज में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की धूम रहती है, लेकिन गोकुल में अगले दिन नंदोत्सव मनाया जाता है। इस उत्सव में देश-दुनिया के श्रद्धालु शामिल होने आते हैं। जन्मोत्सव में भगवान का दूध, दही, शहद, बूरा, गंगाजल, यमुना जल, केसर, पुष्प आदि से अभिषेक किया जाता है।अगले दिन नंदोत्सव मनाया जाता है। इस वर्ष नंदोत्सव 20 अगस्त का है। ब्रजवासी मंदिर में बधाई लेकर पहुंचते हैं। मंदिर से रासचबूतरा तक शोभायात्रा निकाली जाती है। इस शोभायात्रा में भगवान का डोला, भगवान कृष्ण-बलराम, नंदबाबा, यशोदा, ग्वाल-बाल के स्वरूप होते हैं।शोभायात्रा में लाला की छीटी लुटाई जाती है।छीछी दही, हल्दी,चंदन पाउडर, पुष्प आदि का मिश्रण कर तैयार की जाती है। जिस श्रद्धालु पर शोभयात्रा में यह छीछी पड़ जाती है, वह समझता है कि भगवान का आशीर्वाद मिल गया। मंदिर द्वारा क रीब दो क्विटंल दही की छीछी तैयार की जाएगी। लोग घरों में भी छीछी तैयार करते हैं। 

Edited By: Tanu Gupta