आगरा, तनु गुप्‍ता। आदिशक्ति की उपासना और साधना का पर्व रविवार से हो आरंभ हो गया। सुबह से घरों में माता की मूर्ति की स्‍थापना और हवन हो रहे हैं। देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की कतारें लगी हुई हैं। नवरात्र आरंभ होने के साथ आरंभ हो चुके हैं नौ दिन के उपवास भी। जरूरत है इस बात का ध्‍यान रखनें कि साधना, उपवास में मौसम के बदलाव से होने वाली बीमारियों व्‍यवधान न बनें। आहार विशेषज्ञ आकांक्षा गुप्‍ता के अनुसार नौ दिनों तक आहार में संयम बरतने से कमजोरी नहीं आती और पूजा में ध्‍यान भी पूर्ण लगता है।

नवरात्र व्रत में श्रद्धालु पूरा दिन भूखे तो रहते हैं लेकिन सुबह व शाम के समय अधिक आहार ले लेते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। व्रतियों को खानपान का विशेष ध्यान देना चाहिए। उपवास पूरे नौ दिन का हो या प्रथम या अंतिम दिन का। एक दिन की खान पान की लापवाही मुश्किल कर सकती है। इसलिए हर दिन के अनुसार अपने आहार को पहले ही तय कर लें। आहार ऐसा हो जो शक्ति की पूजा करने के लिए आपको शक्ति भी दे और सुस्ती भी न आने दे।

दिनों में बांट लें आहार

नवरात्र के एक से तीन दिन

फल आहार का पालन करें। आप सेब, केला, चीकू, पपीता, तरबूज, और मीठे अंगूर की तरह मीठे फल खा सकते हैं। आंवला का रस, लौकी का रस और नारियल पानी भी ले सकते हैं।

चार से छह दिन

अगले तीन दिनों में, आप पारंपरिक नवरात्रि आहार फलों के रस, छाछ और दूध के साथ एक बार भोजन कर सकते हैं।

सात से नौंवा दिन

अंतिम तीन दिनों के दौरान, आप एक पारंपरिक नवरात्रि आहार का पालन कर सकते हैं। स्वास्थ्य की स्थिति के मामले में यह सबसे अच्छा होगा अगर आप उपवास से पहले चिकित्सक से परामर्श करें और याद रखें कि आरामदायक स्थिति के साथ कर सके उतना ही करें।

उपवास के परायण की विधि

जब आप शाम को या रात में अपना उपवास का परायण करें तो हल्का भोजन करें ताकि आपका शरीर भारी न हो। रात में भारी और तला हुआ भोजन सिर्फ पाचन क्रिया के लिए ही नहीं बल्कि सफाई प्रक्रिया और उपवास के सकारात्मक प्रभाव के लिए भी अच्छा नहीं है। आसानी से पच जाए ऐसा भोजन कम मात्रा में खाएं।

ये रखें विशेष ध्यान

आकांक्षा के अनुसार उपवास के दिनों में गर्भवती महिलाओं को अधिक ध्यान देने की जरूरत है। हृदय रोग व मधुमेह से पीड़ित रोगियों को सावधानी बरतनी चाहिए। गर्भवती महिलाएं और रोगी निर्जला उपवास न रखें। इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है और अपशिष्ट पदार्थ शरीर के बाहर नहीं आ पाते। इससे पेट में जलन, कब्ज, संक्रमण, पेशाब में जलन जैसी कई समस्याएं बन सकती हैं।

क्या लें और क्या न लें

- व्रत में ड्राई फ्रूट व तली भूनी चीजों का परहेज रखना चाहिए।

- अगर संभव हो तो थोड़े अंतराल पर तरल पदार्थ जरूर लेते रहें।

- खानपान में घर में तैयार चीजों का ही प्रयोग करें।

- दूध व दूध से बनी चीजों का प्रयोग अधिक करें।

- सेब, अनार, केला, साबूदाना की खीर, खजूर, छुहारा आदि चीजों का प्रयोग करें।

- नींबू के पानी में शहद डाल कर पीना अच्छा रहेगा।

ये हैं नवरात्र के पौष्टिक आहार

साबूदाना

साबूदाने का प्रयोग व्रत के आहार में आप कर सकते हैं। इसके बहुत सारे फायदे हैं। साबूदाना में कार्बोहाइड्रेट प्रचुर मात्रा में मौजूद होती है। साथ हीं इसमें कैल्शियम और विटामिन सी भी होते हैं। साबुदाना पकने के बाद हल्का पारदर्शी, स्पंजी और नर्म हो जाता है। उपवास के दौरान कई तरह से इसका सेवन कर सकते हैं, जैसे साबूदाने की खीर, पूरी, पापड़, खिचड़ी इत्यादि।

आलू

नवरात्रि के व्रत में आलू का सेवन खूब किया जाता है। क्योंकि पौष्टिक तत्वों से भरा होता है ये आलू। इसमें सबसे ज्यादा स्टार्च की मात्रा होती है। आलू को उबालकर सेवन करने से शरीर की अतिरिक्त चर्बी खत्म हो जाती है। साथ ही आलू के पापड़ और चिप्स भी उपवास के दौरान खाए जा सकते हैं।

ड्राई फ्रूट्स

उपवास के दौरान ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, किशमिश, काजू, पिस्ता, अखरोट, मखाने और बादाम गिरी इत्यादि का सेवन कर सकते हैं। ड्राई फ्रूट्स खाने से शरीर को बहुत ज्यादा ऊर्जा मिलती है। व्रत के दौरान ड्रायफ्रूट, मूंगफली और मसाले के साथ मीठा मिलाकर नमकीन बना कर भी खाया जा सकता है। साथ ही व्रत के दौरान कई लोग मेवे की खीर भी खाना पसंद करते हैं।

फल

व्रत के दौरान ज्यादा से ज्यादा फलों का सेवन करें। अलग-अलग तरह के फलों में एंटीऑक्सीडेंट्स, मिनरल इत्यादि की मात्रा ज्यादा पाई जाती है लेकिन इस बात का खास ध्यान रखें कि आप जिस भी फल का भी सेवन करें, वो ताजे होने चाहिए। जिससे की आपके स्वास्थ्य पर इसका विपरीत असर ना पड़े। आप चाहें तो ताजे फलों को एक साथ मिलाकर फ्रूट चार्ट भी बनाकर इसका सेवन कर सकते हैं। फलों को आप कच्चा भी खा सकते हैं या फलों का जूस या रायता इत्यादि बनाकर भी आप सेवन कर सकते हैं।

कुट्टू का आटा

कुट्टू के आटे से बने खाद्य पदार्थों का सेवन आप अपने उपवास के दौरान कर सकते हैं। कुट्टू या फिर सिंघाड़े के आटे की रोटी, पकौड़ी इत्यादि बनाकर खा सकते हैं। व्रत के दौरान ये सबसे आसानी से बनने वाला पौष्टिक और स्वादिष्ट आहार है।

दूध

नवरात्रि व्रत के दिनों में दूध और दूध से बने हुए पदार्थ जैसे दही, लस्सी, पनीर, मट्ठे इत्यादि का सेवन भी किया जा सकता है। दूध में भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है, जो आपके शरीर को कैलोरी प्रदान करने वाला होता है। व्रत के दिनों में कम भोजन खाने से भी ऊर्जा का स्तर सही बना रहता है।

दही

उपवास के दौरान दही का सेवन काफी फायदेमंद साबित होता है। दूध की अपेक्षा दही में कैल्शियम की मात्रा ज्यादा होती है। दही में मौजूद पोषक तत्व तथा बैक्टीरिया शरीर के लिए एंटीबायोटिक का काम करते हैं। दही में लेक्टोज, प्रोटीन, लोहा, कैल्शियम, फास्फोरस इत्यादि कई तरह के विटामिंस मौजूद होते हैं। इसलिए दही को ज्यादा पौष्टिक आहार माना गया है। व्रत के दौरान दही को कई तरह से खाया जा सकता है। फल और फलाहार में भी दही मिलाकर खा सकते हैं।

मिठाइयां

उपवास के दौरान आप कई तरह की मिठाइयों का सेवन कर सकते हैं। व्रत में खाने से पहले या खाने के बाद आप मिठाई खा सकते हैं। अगर उपवास के दौरान भूख ज्यादा लगती है, तो मिठाई खाकर काफी हद तक भूख को शांत किया जा सकता है। मिठाई में आप नारियल के लड्डू या फिर तिल के लड्डू का सेवन कर सकते हैं।

चाय

उपवास के दौरान भूख लगना स्वाभाविक सी बात है लेकिन अगर कुछ समय के अंतराल पर चाय पीते रहें तो भूख पर नियंत्रण पाया जा सकता है। साथ ही थकान भी दूर होती है और एनर्जी बरकरार रहती है। इसके अलावा चाय में कॉफी की तरह एंटि- ऑक्सिडेंट तत्व भी मौजूद होता है, जो शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है। चाय आपको ताजगी का अहसास दिलाती है। साथ हीं बीमारियों से बचाव भी करती है। व्रत के दौरान ग्रीन टी का सेवन करना भी फायदेमंद होता है।

जूस

व्रत के दौरान अलग-अलग तरह के फलों से बने जूस का सेवन करना चाहिए। उपवास के दौरान फलों का जूस पीना स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होता है। जूस पीने से आपके शरीर में पानी की कमी नहीं हो पाएगी और डिहाइड्रेशन से भी बच पाएंगे। आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैलोरी भी मिल जाएगी लेकिन इस बात का खास ध्यान रखें, कि अपने जूस में चीनी की मात्रा कम रखें।

 

Posted By: Tanu Gupta

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