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JFF 2026: चर्चित नहीं, यादगार बनने के लिए काम करो, अभिनेता ताहिर राज भसीन ने आगरा में दिए टिप्स

By Sandeep Kumar Edited By: Prateek Gupta
Published: Sat, 19 Sep 2026 12:58 PM (IST)

अभिनेता ताहिर राज भसीन ने दैनिक जागरण फिल्म फेस्टिवल में प्रशंसकों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि चर्चित होने के ...और पढ़ें

आगरा में जागरण फिल्म फेस्टिवल में पूनम सचदेवा के सवालों पर जवाब देते अभिनेता ताहिर राज भसीन।

आगरा में जागरण फिल्म फेस्टिवल में पूनम सचदेवा के सवालों पर जवाब देते अभिनेता ताहिर राज भसीन।

जागरण संवाददाता, आगरा। इंस्टाग्राम के दौर में हर कोई चर्चा में रहना पसंद करता है। मेरा सोचना थो़ड़ा अलग है। चर्चित होने और यादगार होने में काफी अंतर है। हमेशा ऐसा काम करो, जो तुम्हें यादगार बनाए।

अभिनेता ताहिर राज भसीन ने दैनिक जागरण फिल्म फेस्टिवल के पहले दिन प्रशंसकों से रूबरू होते हुए अपने अभिनय सफर का यह मूलमंत्र साझा किया। मर्दानी, छिछोरे और 83 जैसी फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभा चुके ताहिर ने कहा कि कलाकार को किसी एक इमेज या जोनर में बंधने के बजाय लगातार नए किरदार तलाशते रहना चाहिए

स्पासी शुगर संस्था की संस्थापक व अध्यक्ष पूनम सचदेवा के साथ संवाद में उन्होंने अभिनय, संघर्ष और आगामी प्रोजेक्ट्स पर खुलकर बात की। अपने सबसे पसंदीदा किरदार के प्रश्न पर ताहिर ने कहा कि उनके लिए हर भूमिका खास है। मैंने हर किरदार को पूरी शिद्दत से निभाया है, इसलिए सभी से भावनात्मक जुड़ाव है।

किसी एक किरदार का नाम लेना दूसरे के साथ अन्याय होगा। फोर्स थ्री का शिव शर्मा हो या 83 में सुनील गावस्कर का किरदार, सभी मेरे लिए विशेष हैं। करियर की शुरुआत एंटी हीरो के रूप में करने के बाद उसी छवि में बंधने के प्रश्न पर कहा कि यह उनके सामने बड़ी चुनौती थी।

आमतौर पर जिस तरह के किरदार से अभिनेता की पहचान बनती है, उसी तरह के रोल मिलने लगते हैं। मैंने इस मिथक को तोड़ने का प्रयास किया और मुझे इसमें सफलता भी मिली। मेरा प्रयास रहता है कि किसी एक इमेज में बंधकर न रहूं और अलग-अलग तरह का काम करूं।

पंकज त्रिपाठी और सौरभ शुक्ला की सीख बनीं यादगार

ताहिर ने साथी कलाकारों से मिली सीख भी साझा की। उन्होंने बताया कि पंकज त्रिपाठी ने उनसे कहा था कि चर्चित होने और यादगार होने में अंतर है। आज इंस्टाग्राम के दौर में सेलिब्रिटी होने का मतलब बदल रहा है, लेकिन कलाकार को ऐसा काम करना चाहिए, जो उसे लंबे समय तक यादगार बनाए

वहीं सौरभ शुक्ला की सीख दी कि याद रखना, तुम कलाकार हो। प्रतिस्पर्धा और रेस में घोड़े दौड़ते हैं, कलाकार नहीं। उन्होंने कहा कि आज का दर्शक बेहद समझदार है और वह पहचान लेता है कि किरदार को कलाकार ने वास्तव में जिया है या केवल औपचारिकता निभाई है। इन सीखों ने मेरा जीवन बदल दिया।

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दर्शकों के साथ सेल्फी लेते ताहिर राज भसीन।

150 आडिशन में रिजेक्शन, मुंबई ने सिखाया धैर्य

अपने टीनएज के दौर को सलाह देने के प्रश्न पर ताहिर ने संघर्ष के दिनों को याद किया। बताया कि मुंबई में घर खोजने में छह महीने लग गए। इसके बाद करीब 100 से 150 आडिशन में न मिली। उस दौर ने सिखाया कि शांत रहो, इस पूरी प्रक्रिया से प्रसन्न के साथ गुजारों और लगातार प्रयास करते आगे बढ़ते रहो। यही सीख आज भी मानता हूं

गावस्कर की आंखों में नमी देख घबरा गए थे ताहिर

फिल्म 83 में सुनील गावस्कर का पात्र निभाने के अनुभव को उन्होंने बड़ी चुनौती बताया। स्क्रीनिंग के बाद गावस्कर हाल से बाहर चले गए। ताहिर उनके पीछे पहुंचे तो उन्हें लगा कि शायद फिल्म पसंद नहीं आई। लेकिन उनकी आंखों में नमी थी। गावस्कर ने उनसे कहा, धन्यवाद, मुझे वो दौर याद दिलाने के लिए

ताहिर ने बताया कि प्रोफेशनल क्रिकेट नहीं खेलने के बावजूद मुझे लेजेंड सुनील गावस्कर की तरह क्रिकेट खेलना था। इसके लिए छह महीने क्रिकेट सीखा और गावस्कर से टिप्स लिए। सुनील गावस्कर ने मुझसे कहा था जब मैदान में जाओ तो राजा की तरह जाना। उनके इस आत्मविश्वास ने इस चुनौतिपूर्ण भूमिका को निभाने में मदद की।

शाहरुख के साथ काम करना सपना

अभिनेता ताहिर राज भसीन ने कहा कि वह दिवंगत अभिनेता इरफान खान के साथ काम करना चाहते थे और कालेज के दिनों से उनके अभिनय के प्रशंसक रहे हैं। वहीं शाहरुख खान के साथ काम करना उनका सपना है। नाइटक्रालर जैसी फिल्म में चुनौतीपूर्ण किरदार निभाने की इच्छा जताई।

आगामी प्रोजेक्ट में मानसिक स्वास्थ्य का विषय होने की जानकारी भी उन्होंने दी। रैपिड फायर राउंड में उन्होंने तापसी पन्नू के साथ दोबारा काम करने की इच्छा जताई। शादी को लेकर कहा कि लव मैरिज पसंद है, क्योंकि साथ जीवन बिताने से पहले एक-दूसरे को समझना जरूरी है, हालांकि फिलहाल शादी की कोई तैयारी नहीं है।

अपनी पसंदीदा फिल्मों में उन्होंने दिल चाहता है, रंगीला और कभी हां कभी ना का नाम लिया। उन्होंने कहा, मेरी प्रतिस्पर्धा किसी से नहीं है। हम कलाकार हैं। संवाद के दौरान ताहिर ने अपनी प्रशंसक करूणा को पास बुलाकर आभार जताया।

उनके इस अपनत्व को देखकर प्रशंसकों ने भी सराहना की। स्थानीय स्तर पर फिल्म फेस्टिवल आयोजित करने के लिए उन्होंने दैनिक जागरण का आभार जताया। प्रशंसकों ने उनसे कई सवाल किए, जिनका उन्होंने उत्साह और सहजता से जवाब दिया।

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