आगरा, जागरण संवाददाता। ताजनगरी में पर्यटन कारोबारियों ने जनता कर्फ्यूू का दिल खोलकर समर्थन किया। न कोई होटल खुला और न ही कोई रेस्टोरेंट। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को एहतियात के तौर पर कर्मचारियों को छुट्टी दे दी गई थी। केवल सिक्योरिटी, हाउसकीपिंग और इंजीनियरिंग स्टाफ को ही बुलाया गया।

भारत सरकार ने 13 मार्च की मध्य रात्रि से सभी विदेशी पर्यटकों का वीजा 15 अप्रैल तक के लिए निरस्त कर दिया था। 17 मार्च की सुबह से देशभर के सभी स्मारक, संग्रहालय व पर्यटन स्थल बंद कर दिए गए थे। इसके चलते आगरा के पर्यटन कारोबार पर बड़ा असर पड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 22 मार्च को जनता कर्फ्यूू के आह्वान का सभी उद्योगों की तरह पर्यटन उद्योग ने भी समर्थन किया। शनिवार से ही पर्यटकों को होटलों में कमरे देना बंद कर दिया गया था। रविवार को ताजनगरी में अधिकांश सितारा व बजट क्लास होटल, पेइंग गेस्ट हाउस बंद रहे। रेस्टोरेंट, एंपोरियम के ताले भी नहीं खुले। पूरा उद्योग रविवार को जनता कर्फ्यूू के समर्थन में लॉक डाउन रहा। जिन होटलों में पर्यटक थे भी, उन्हें होटल प्रबंधन ने परिसर में ही रोके रखा। बाहर नहीं निकलने दिया गया।

होटल पर ताला तो नहीं लगा सकते हैं। जरूरत के अनुसार केवल हाउसकीपिंग, सिक्योरिटी और इंजीनियरिंग स्टाफ को ही बुलाया जा रहा है। एसोसिएशन के सदस्य कई अन्य होटल भी बंद हुए हैं। देशहित और लोगों का स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है, उसके बाद ही व्यवसाय है।

- हरी सुकुमार, अध्यक्ष टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा

हमने अपने होटल व रेस्टोरेंट 17 मार्च को ही बंद कर दिए थे। कर्मचारियों को छुट्टी दे दी थी। जनता कर्फ्यूू  के दिन ही नहीं, आगामी 10-15 दिन के लिए हमने सदस्यों से अपने होटल व रेस्टोरेंट बंद करने की अपील की थी। हम सरकार के निर्देशों का पूरा पालन करेंगे।

- राकेश चौहान, अध्यक्ष होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन

जनता कर्फ्यूू के बारे में सभी सदस्यों को अवगत कराया था। उन्हें कहा गया था कि या तो कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दें या फिर उन्हें परिसर के अंदर ही रखें, बाहर नहीं आने दें। होटल, रेस्टोरेंट बंद रखकर जनता कफ्र्यू के प्रधानमंत्री के आह्वान का समर्थन किया है।

-रमेश वाधवा, अध्यक्ष होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसोसिएशन 

जनता कर्फ्यूू  में मुस्तैद रही सिविल डिफेंस

कोरोना के खिलाफ जंग में ताजनगरी का जनता कफ्र्यू को पूरा समर्थन मिला। नगर में सिविल डिफेंस के वार्डन भी मुस्तैदी से कोरोना के खिलाफ जंग में भागीदार बने। उन्होंने गलियों में घूमते लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक कर घर भेजा।

नगर क्षेत्र में सिविल डिफेंस के करीब 1400 वार्डन हैं। रविवार को जनता कर्फ्यूू के दौरान इनकी ड्यूटी अपने-अपने क्षेत्रों में लगाई गई थी। सुबह आठ बजे से यह अपनी-अपनी पोस्ट पर पहुंच गए। कोतवाली की पोस्ट नंबर 10 पर सिविल डिफेंस के नवेद अख्तर, दानिश शम्सी, वसीमुद्दीन, शाहिद खां, शकील, शाकिब, रिजवान आदि मौजूद थे। नवेद अख्तर ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र में 16 वार्डन तैनात किए गए हैं। व्यस्त क्षेत्र में गलियों में जो लोग सुबह घरों के बाहर बैठे थे, उन्हें हमने अपने घर जाने को कहा। उन्हें बताया कि कोरोना से बचाव को सोशल डिस्टेंस ही कारगर है। जनता कर्फ्यूू  आपकी सुरक्षा के लिए ही है। उन्हें समझा-बुझाकर घर भेजा गया। उधर कमला नगर प्रभाग के डिप्टी डिवीजनल वार्डन राजीव वर्मा ने बताया कि कमला नगर में करीब 200 वार्डन हैं, इनमें से करीब 170 की ड्यूटी लगाई गई हैं। यह लोगों को घरों में रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, जिससे कि जनता कर्फ्यूू  सफल हो सके।

Posted By: Prateek Gupta

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