इंतजार खत्म: आगरा में 18 सितंबर से 'जागरण फिल्म महोत्सव', PVR Inox में दिखाई जाएंगे फिल्में; यहां से करें बुकिंग
Agra News: विश्व के सबसे बड़े घुमंतू सिनेमा समारोह जागरण फिल्म महोत्सव का इंतजार खत्म हो गया है, जो 18 ...और पढ़ें

Agra News: जागरण फिल्म महोत्सव।
HighLights
जागरण फिल्म महोत्सव 18-20 सितंबर तक आगरा में।
पीवीआर इनॉक्स में चुनिंदा विश्व सिनेमा का प्रदर्शन।
'नमस्ते सर' लघु फिल्म दिखाई गई, पास बुकमाईशो पर।
जागरण संवाददाता, आगरा। Agra News: विश्व के सबसे बड़े घुमंतू सिनेमा समारोह जागरण फिल्म महोत्सव का इंतजार अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। 18 से 20 सितंबर तक एमजी रोड स्थित अंजना सेंट्रल मॉल के पीवीआर इनॉक्स में तीन दिन तक विश्व सिनेमा की चुनिंदा फिल्में दिखाई जाएंगी। कॉलेज छात्रों में इसके प्रति खासा उत्साह देखा जा रहा है।
जागरण फिल्म महोत्सव की टीम शनिवार को अरतौनी स्थित आगरा पब्लिक टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट कॉलेज पहुंची। टीम ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और उन्हें महोत्सव में दिखाई जाने वाली फिल्मों, कलाकारों की मौजूदगी तथा विभिन्न सत्रों की पूरी जानकारी दी।
कॉलेजों में छात्रों से टीम का सीधा संवाद, दिखाई गई लघु फिल्म 'नमस्ते सर'
इस दौरान विद्यार्थियों को गौरव असरी निर्देशित लघु फिल्म ‘नमस्ते सर’ दिखाई गई। फिल्म पंद्रह वर्षीय दीपक की कहानी है। उसके सख्त शिक्षक के हाथ जब उसका लिखा प्रेम पत्र लग जाता है तो एक छोटी सी घटना बड़े परिणाम पैदा कर देती है। यही घटनाक्रम फिल्म में रोचक और संवेदनशील अंदाज में पेश किया गया है। विद्यार्थी फिल्म देखकर महोत्सव के माहौल से जुड़ते दिखे। युवा प्रतिभाओं को निखारने का यह एक बड़ा मंच साबित हो रहा है। आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
महोत्सव न केवल मनोरंजन देगा, बल्कि अच्छी कहानियों और कलाकारों से सीधे जुड़ने का मौका भी देगा। शहर के सिनेमा प्रेमियों के लिए ये तीन दिन यादगार रहने वाले हैं। माैके पर आगरा पब्लिक कालेज की फार्मा विभागाध्यक्ष डा. लक्ष्मी त्रिपाठी मौजूद रहीं।
बुक मॉय शो या क्यूआर कोड से मिलेगा पास
आयोजन को लेकर तैयारियां चल रही हैं। जो दर्शक तीन दिन का अनुभव लेना चाहते हैं वे दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर या बुक माई शो पर जाकर दिन भर का पास अथवा किसी खास सत्र का पास बुक कर सकते हैं। महोत्सव न केवल मनोरंजन देगा बल्कि अच्छी कहानियों और कलाकारों से सीधे जुड़ने का मौका भी देगा।
फिल्म देखकर समझ आया कि छोटी गलती भी जीवन बदल सकती है। शिक्षक-छात्र रिश्ते में संवेदनशीलता कितनी जरूरी है, यह बात दिल को छू गई।
दिव्या सिकरवार, बीसीए
नमस्ते सर ने सिखाया कि कहानी छोटी हो तो भी असर गहरा होता है। महोत्सव युवाओं को सिनेमा की नई दुनिया से जोड़ रहा है।
आदित्य कुमार, बीसीए
