विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गणेश चतुर्थी संग तीज का संयोग: क्यों नहीं देखते चौथ का चांद? ज्योतिषाचार्य ने बताया आगरा का अभिजीत मुहूर्त

Published: Sun, 13 Sep 2026 10:04 AM (IST)Updated: Sun, 13 Sep 2026 11:07 AM (IST)

Agra News: आगरा में गणेश चतुर्थी की धूम है, जहां घरों और पंडालों में गणपति बप्पा की स्थापना की तैयारियां ...और पढ़ें

गणेश प्रतिमाएं खरीदते लोग।

गणेश प्रतिमाएं खरीदते लोग।

HighLights

  1. आगरा में गणेश चतुर्थी पर भव्य उत्सव की तैयारी पूरी

  2. गोकुलपुरा के प्राचीन सिद्धि विनायक मंदिर से निकलेगी शोभायात्रा

  3. कमला नगर में 25 फीट की पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमा स्थापित

जागरण संवाददाता, आगरा। गणेश चतुर्थी पर सोमवार को पूरा शहर गणपति बप्पा की भक्ति में रंगा नजर आएगा। घरों से लेकर मंदिरों और सार्वजनिक पंडालों तक विघ्नविनाशक भगवान गणेश की मूर्तियों की स्थापना की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गणेशोत्सव के आयोजन होंगे।

गोकुलपुरा के प्राचीन श्री सिद्धि विनायक मंदिर से गणेश जी के लकड़ी के विग्रह को पारंपरिक नगर भ्रमण कराया जाएगा। वहीं श्रीमन:कामेश्वर महादेव मंदिर की गली स्थित प्राचीन गणेश मंदिर में भव्य फूल बंगला सजाकर छप्पन भोग लगाया जाएगा।

380 वर्ष प्राचीन सिद्धि विनायक मंदिर से निकाली जाएगी शोभायात्रा

गोकुलपुरा स्थित श्री सिद्धि विनायक मंदिर आगरा के प्राचीन गणेश मंदिरों में प्रमुख माना जाता है। मंदिर के महंत पं. मनीष शर्मा के अनुसार मंदिर में स्थापित गणेश विग्रह खुदाई के दौरान कुएं से प्राप्त हुआ था। मंदिर की स्थापना करीब 380 वर्ष पूर्व संवत 1700 यानी 1646 ईस्वी में हुई थी। बाद में मराठा सरदार महादजी सिंधिया ने 1760 में मंदिर का सुंदरीकरण कराया और यहां पीपल का वृक्ष भी लगाया।

कमला नगर में 25 फीट की गणेश प्रतिमा बनेगी आकर्षण

मान्यता के अनुसार महादजी सिंधिया आगरा प्रवास के दौरान मंदिर में पूजन-अर्चन कराते थे। उनके संरक्षण में गणेश चतुर्थी पर शोभायात्रा की परंपरा शुरू हुई, जो 1860 तक चली। बाद में बंद हुई यह परंपरा 1959 में फिर शुरू हुई और आज भी जारी है। इस शोभायात्रा में गणेश जी के लकड़ी के विग्रह को रथ में विराजमान कर नगर भ्रमण कराया जाता है।

यह भी पढ़ें- IIT दिल्ली करेगी पर्यटकों की संख्या निर्धारित, ताजमहल की धारण क्षमता तय करने को ASI ने भेजा प्रस्ताव

तीज और गणेश चतुर्थी का संयोग

इस बार गणेश चतुर्थी के साथ हरतालिका तीज का भी संयोग बन रहा है। मंदिर महंत पं. मनीष शर्मा के अनुसार चतुर्थी तिथि 14 सितंबर सुबह सात बजकर छह मिनट से 15 सितंबर सुबह सात बजकर 44 मिनट तक रहेगी। गणेश प्रतिमा स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर दो मिनट से दोपहर एक बजकर 31 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर नौ मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। पूजन में गणेश जी को हरी दुर्वा, मोदक, पंचमेवा, फल, नारियल और तांबूल अर्पित करने की परंपरा है। पीत वस्त्र पर चावल से स्वास्तिक बनाकर प्रतिमा स्थापित कर पंचोपचार अथवा षोडशोपचार पूजन किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- राधाष्टमी मेला बरसाना: मंगला आरती को 500 पास, बाइक व ई-रिक्शा बैन; 25 लाख श्रद्धालुओं के लिए विशेष तैयारी

चंद्र दर्शन से बचने की परंपरा

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह दिन आत्मसंयम और मन पर विजय का संदेश देता है। चंद्रमा को मन का प्रतीक माना गया है, इसलिए चतुर्थी पर चंद्र दर्शन से बचने की परंपरा है। इसी दिन बच्चों के पट्टी पूजन के माध्यम से शिक्षा का श्रीगणेश भी कराया जाता है।

पंडालों में स्थापित होंगी मूर्तियां

कमला नगर-बल्केश्वर में पोला भाई ग्रुप की ओर से 19वां विशाल गणेश महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। मीडिया प्रभारी राजा शर्मा ने बताया कि कमला नगर गणेश चौक, छोटे गुरुद्वारे के पास स्थापित होने वाली गणेश जी की मूर्ति प्रदेश की सबसे बड़ी प्रतिमाओं में से एक है। करीब 25 फीट ऊंची और 6700 किलोग्राम वजनी मूर्ति को कोलकाता के कारीगरों ने दो महीने की मेहनत से पर्यावरण मित्र सामग्री से तैयार किया है।

गोकुलपुरा के सिद्धि विनायक मंदिर से निकलेगी प्राचीन शोभायात्रा

मूर्ति को क्रेन की मदद से पंडाल में स्थापित किया गया। पोला भाई ने बताया कि मूर्ति निर्माण में मिट्टी, गोबर, जौ, हल्दी और अन्य प्राकृतिक सामग्री का प्रयोग किया गया है, जिससे विसर्जन के दौरान यमुना को नुकसान न पहुंचे। मूर्ति का विसर्जन भी क्रेन के माध्यम से गणेश चतुर्दशी पर किया जाएगा। कृष्णा पंडित और आचार्य सचिन दीक्षित के अनुसार 11 दिन तक चलने वाले महोत्सव में प्रतिदिन तीन बार आरती होगी। सुबह पांच बजे मंगला आरती, नौ बजे आरती और रात नौ बजे आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। वहीं अन्य पंडालों के साथ घरों में भी गणपति बप्पा की मूर्ति स्थापना के लिए लोगों ने बाजार में मूर्ति पसंद की।

सिकंदरा में पीस कमेटी ने दिए दिशा-निर्देश

गणेश चतुर्थी को लेकर थाना सिकंदरा परिसर में पीस कमेटी की बैठक हुई। एसडीएम सदर विक्रम सिंह राघव की अध्यक्षता में हुई बैठक में एसीपी हरीपर्वत बजरंग प्रसाद, नायब तहसीलदार अनिल चौधरी और थाना प्रभारी सिकंदरा राजीव त्यागी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आयोजकों से अनुमति लेकर निर्धारित स्थान पर पंडाल लगाने, ध्वनि मानकों का पालन करने और विसर्जन जुलूस के मार्ग की पूर्व सूचना पुलिस को देने को कहा। अफवाहों से बचने और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील भी की गई।