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चंबल का बीहड़ थर्राता था कभी नाम से... पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार, हजारों लोग उमड़े; जेल से लाए गए भाई

By Sandeep Sharma Edited By: Prateek Gupta
Published: Thu, 02 Jul 2026 12:35 PM (IST)

अजमेर जेल में मारे गए पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार धौलपुर के भभूतिपुरा गांव में भारी सुरक्षा के ...और पढ़ें

इंसेट में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का फाइल फोटो और अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़।

इंसेट में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का फाइल फोटो और अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़।

HighLights

  1. जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार पैतृक गांव भभूतिपुरा में हुआ।

  2. परिवार ने अजमेर जेल में हत्या की साजिश का आरोप लगाया।

संवाद सूत्र, धौलपुर (आगरा)। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जुलाई को हुई जगन गुर्जर की हत्या के 42 घंटे बाद शव को बुधवार सुबह बाड़ी लाया गया, जहां डांग क्षेत्र में स्थित उसके पैतृक गांव भभूतिपुरा में जगन गुर्जर का उसके तीनों भाइयों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। मृतक को मुखाग्नि उसके पुत्र आसाराम ने दी। जगन गुर्जर के नाम से एक जमाने में पूरा चंबल का बीहड़ थर्राता था।

कड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच जैसे ही मृतक जगन गुर्जर के भाई पप्पू, पान सिंह और लालसिंह भभूतिपुरा गांव पहुंचे। उन्हें देखने और उनसे बात करने के प्रयास में हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान एडिशनल एसपी श्रवण कुमार के साथ सीओ महेंद्र कुमार भारी सुरक्षा दल के साथ तीनों भाइयों को लेकर सीधे शमशान घाट पहुंचे।

जहां उन्होंने अपने भाई और मृतक पूर्व डकैत जगन गुर्जर के अंतिम दर्शन किए तथा सामाजिक प्रथा अनुसार कंडे लगाए। इस दौरान अजमेर जेल से आए पप्पू गुर्जर ने जगन के पुत्र आसाराम से कुछ बात भी की। इसके बाद पुलिस उन्हें तुरंत वापस जिला मुख्यालय धौलपुर लेकर चली गई।

मृतक जगन के अंतिम संस्कार के बाद जैसे ही पप्पू को वापस पुलिस ले जाने लगी तो मीडिया ने उनसे सवाल कर दिए। पप्पू ने जवाब दिया कि पूरे षडयंत्र के साथ उनके भाई जगन की हत्या की गई है। इसमें जेल प्रशासन के साथ जेल के कैदी और डॉक्टर जिम्मेदार हैं। जिन्होंने नशे की गोलियां देकर उन्हें पहले बेहोश किया और बाद में गला घोंटकर मार दिया।

 

Jagan Gurjar Family

अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ और पुलिस अभिरक्षा में जेल से आए जगन के भाई पप्पू, पान सिंह और लाल सिंह। फोटो- जागरण।

वहीं आसाराम ने भी यही बात मीडिया के सामने रखी और आरोप लगाया कि षडयंत्र पूर्वक उनके पिता को अजमेर जेल ले जाकर इस प्रकार हत्या को अंजाम दिया गया है। इसलिए बाड़ी से अजमेर तक पहुंचने के हर घटनाक्रम की सीबीआई जांच होनी चाहिए। जगन के अंतिम संस्कार के दौरान हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ बसईडांग थाना इलाके के गांव भभूति पुरा में देखी गई।

जिसमें आसपास के सभी गांव के लोगों के साथ सैकड़ो की संख्या में महिलाएं भी जगन के अंतिम दर्शन करने पहुंची। इस दौरान भरतपुर, करौली, दौसा, जयपुर अजमेर और हरियाणा से भी युवा पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

बता दें कि अजमेर जेल से मंगलवार की रात को पोस्टमार्टम के बाद जगन के शव को भारी सुरक्षा के बीच धौलपुर के लिए रवाना किया गया था। आज बुधवार को सुबह छह बजे काफिला बाड़ी पहुंचा, जहां से सुबह करीब 7:30 बजे शव भभूति पुरा गांव लाया गया। जहां दोपहर करीब 12 बजे अंतिम संस्कार किया गया।

इस दौरान धौलपुर जिले के एक दर्जन थानों की पुलिस, एसटीएफ, आरएसी और अतिरिक्त जाब्ता लगाया गया। जिसमें तीन सर्किल अधिकारी और आधा दर्जन से अधिक एसएचओ ने व्यवस्थाओं को संभाला।

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