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राजस्थान सरकार का जयपुर हाउस पर दावा: 101 बीघा जमीन की ₹6.90 लाख में बिक्री, खरीद के अहम दस्तावेज मिले

Published: Sat, 19 Sep 2026 01:53 PM (IST)

Agra News: जयपुर हाउस आगरा की 101 बीघा भूमि की 1969 में ₹6.90 लाख में हुई बिक्री की जांच अंतिम ...और पढ़ें

आगरा कलेक्ट्रेट।

आगरा कलेक्ट्रेट।

HighLights

  1. जयपुर हाउस आगरा 101 बीघा भूमि बिक्री जांच अंतिम चरण

  2. एडीए कार्यालय में 1969 की भूमि खरीद के दस्तावेज मिले

  3. ₹6.90 लाख में हुई थी 101 बीघा जमीन की खरीद

जागरण संवाददाता, आगरा। जयपुर रियासत की संपत्तियों को लेकर चल रही जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। लोक निर्माण विभाग राजस्थान ने जयपुर हाउस की 101 बीघा भूमि की बिक्री की थी। वर्ष 1969 में नगर महापालिका परिषद के मुख्य नगर अधिकारी ने 6.90 लाख रुपये में खरीदी थी। भूमि मौजा खतैना के दो खसरा नंबरों की थी। शुक्रवार को भूमि से संबंधित सभी दस्तावेज एडीए कार्यालय में मिल गए हैं।

इसकी रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। वहीं नगर निगम कार्यालय में संपत्तियों का कोई भी दस्तावेज नहीं मिले हैं। तहसील सदर में दस्तावेजों की जांच चल रही है।

जयपुर रियासत का विलय वर्ष 1952 में राजस्थान सरकार में हुआ था। जयपुर रियासत की आगरा में दो बड़ी संपत्तियां हैं जिसमें जयपुर हाउस कालोनी, मन:कामेश्वर मंदिर और जयपुर हाउस से प्रतापनगर रोड शामिल है। शुक्रवार को एडीए, नगर निगम और तहसील सदर कार्यालय में सुबह 10 से शाम पांच बजे तक दस्तावेजों की जांच हुई। 

वर्ष 1969 में नगर महापालिका परिषद ने लोक निर्माण विभाग राजस्थान से की थी खरीद

एडीए कार्यालय में भूमि खरीद की रजिस्ट्री सहित अन्य दस्तावेज मिले हैं। जांच में पाया गया कि मौजा खतैना के खसरा नंबर 553 में 42 बीघा और 554 में 59 बीघा भूमि थी। एक बीघा भूमि अलग से कालभैरव मंदिर की थी। नगर महापालिका परिषद के मुख्य नगर अधिकारी ने भूमि की खरीद का प्रस्ताव तैयार कर लोक निर्माण विभाग, राजस्थान को भेजा था। लोक निर्माण विभाग ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।

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दो खसरों में है भूमि, एडीए कार्यालय में मिले दस्तावेज डीएम को भेजे गए

1968 में 101 बीघा भूमि का सर्वे हुआ। छह माह तक भूमि का सर्वे चला फिर 6.90 लाख रुपये में लोक निर्माण विभाग राजस्थान ने नगर महापालिका परिषद को भूमि बेच दी। 200 रुपये के शपथ पत्र पर 31 मई 1969 में बैनामा हुआ था। एडीए ने जयपुर हाउस योजना को तेजी से विकसित किया। वर्ष 1969 से पूर्व जयपुर हाउस की भूमि लोक निर्माण विभाग राजस्थान के नाम थी फिर मालिकाना हक पालिका परिषद का हो गया। वर्ष 1974 में एडीए का गठन हुआ। जिस पर सभी दस्तावेज एडीए कार्यालय में भेज दिए गए। वहीं तहसील सदर में दस्तावेजों की जांच चल रही है।

एडीएम प्रशासन और नोडल अधिकारी एबी सिंह ने बताया कि एडीए अधिकारियों ने भूमि से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। जयपुर हाउस की 101 बीघा भूमि 6.90 लाख रुपये में खरीदी गई है।

सर्वे में यह तय हुई थी भूमि की कीमत

  1. 66597 वर्ग गज भूमि की खरीद नौ रुपये प्रति वर्ग गज से हुई। कीमत यह 5.99 लाख रुपये
  2. 80384 वर्ग गज की भूमि की खरीद 10 रुपये प्रति वर्ग गज की दर से हुई। कीमत 8.03 लाख रुपये

इस रेट पर हुई थी खरीद

  • 101 बीघा भूमि : 4.90 लाख रुपये
  • बिल्डिंग की कीमत, दो लाख रुपये

फिर से मांगी गई रिपोर्ट

संयुक्त सचिव राजस्व परिषद संजीव कुमार ने डीएम से एक बार फिर से जयपुर रियासत की संपत्तियों की रिपोर्ट मांगी है। एडीए कार्यालय में दस्तावेज मिलने पर रिपोर्ट जल्द शासन को भेज दी जाएगी।