आगरा, जेएनएन: आगरा- मथुरा सीमा पर स्थित चुरमुरा में बने हाथी अस्पताल का शुक्रवार को उद्घाटन हो गया। आगरा के मंडलायुक्त अनिल कुमार ने अस्पताल का उद्घाटन किया।

अस्पताल का निर्माण वाइल्ड लाइफ सेव अवर सोल (एसओएस) द्वारा हाथियों के उपचार के लिए किया गया है। हाथी संरक्षण एवं उपचार केंद्र फरह के निदेशक बैजू राज ने बताया कि अस्पताल में पशु विशेषज्ञ डॉ. यदुराज, डॉ. इलेराजा, डॉ. कमल नादन, डॉ. प्रीतम सिंह आदि सहित करीब आधा दर्जन डॉक्टरों की टीम की देखरेख में बीमार हाथियों का इलाज हो सकेगा।

उद्घाटन समारोह के दौरान मंडलायुक्त आगरा अनिल कुमार ने कहा कि मथुरा और आगरा की पहचान पहले से थी लेकिन अब हाथी सेंटर के नाम से भी इसे देश में नाम मिलेगा। इस मौके पर जिला अधिकारी मथुरा सर्वज्ञ राम, उपजिलाधिकारी सदर क्रांति शेखर सिंह आदि उपस्थित रहे।

विशेषताओं से परिपूर्ण है हाथी अस्पताल

हाथियों के लिए लाइफ सेविंग डाइग्नोस्टिक ट्रीटमेंट इक्विपमेंट यहां लगाए गए हैं। स्टेट ऑफ द आर्ट एलीफेंट मेडिकल फेसिलिटी सेंटर के रूप में बने अस्पताल में हाथियों के उपचार को हाइड्रोलिक लिफ्ट, हाइड्रोथेरेपी पूल, एक्सरे मशीन समेत अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। अस्पताल परिसर करीब 25 एकड़ में फैला हुआ है। जिसमें अस्पताल के अलावा बीमार हाथियों को उपचार के दौरान प्राकृतिक माहौल में इलाज देने के लिये जगह जगह जंगल मे शेड बनाये गए हैं। शेड्स में अलग अलग हाथियों को रखा जाएगा। जिससे कि किसी एक बीमार हाथी की बीमारी की चपेट में कोई दूसरा हाथी न आ जाये। इसके अलावा ऑटोमेटिक फुब्बारे लगे हुए हैं। तालाब बनाये गए हैं, जिसमे पैरों से परेशान हाथियों को थैरेपी दी जाएगी।

क्या कार्य है वाइल्ड लाइफ एसओएस का

वाइल्ड लाइफ एसओएस द्वारा ताजनगरी में एक दशक से अधिक समय से भालुओं के संरक्षण का काम किया जा रहा है। सूर सरोवर पक्षी विहार (कीठम) स्थित बियर रेस्क्यू फेसिलिटी सेंटर में करीब 200 भालू हैं। फरह के चुरमुरा में एलीफेंट रेस्क्यू एंड कंजर्वेशन सेंटर एसओएस द्वारा संचालित है। यहां देश के कोने-कोने से मुक्त कराए गए 20 से अधिक हाथी रहते हैं। एसओएस देश में हाथियों को यातनाओं से मुक्ति दिलाने को मुहिम चला रहा है। हाथियों के उपचार को चुरमुरा में एसओएस ने पिछले वर्ष दिसंबर में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त अस्पताल के निर्माण की नींव रखी थी।

त्रिशूर में बना था पहला अस्पताल

देश में हाथियों के उपचार के लिए पहला अस्पताल केरला के त्रिशूर में बनाया गया था। वर्ष 2015 में यह बना था। 

Posted By: Prateek Gupta

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