आगरा, जागरण संवाददाता। सदर के दुर्गा नगर में लोडर टेंपो चालक और उनके पुत्र की करंट लगने हुई मौत के लिए स्वजन ने विभागीय लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने इस मामले में नगर निगम, टाेरंट पावर, और ईईसीएल कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि शिकायत पर भी टोरंट पावर ने अर्थिंग के तार को नहीं हटाया, जबकि नगर निगम ने टूटे पड़े स्ट्रीट लाइट के तार की टेपिंग नहीं की। स्ट्रीट लाइट के रखरखाव का ठेका ईईएसएल पर है। इसलिए उसे भी जिम्मेदार ठहराया गया है।

राजपुर चुंगी के दुर्गा नगर निवासी मोहर सिंह लोडर टेंपो चलाते थे। शुक्रवार रात नौ बजे वह टेंपो लेकर घर आए थे। मोहर सिंह टेंपो घर के अंदर कर रहे थे। इस दौरान गली में टूटे पड़े तार से चिपक कर लोडर में करंट फैल गया था। हादसे में मोहर सिंह को करंट लग गया। पिता को बचाने में बेटा भूपेंदर आया था। वह भी करंट से झुलस गया। बारिश की वजह से पिता-पुत्र को बचने का मौका नहीं मिला। दोनों की मौत हो गई। इस मामले में मोहर सिंह की पत्नी ओमेशलता ने थाना सदर में तहरीर दी। इसमें आरोप लगाया कि घर के पास ही नगर निगम की स्ट्रीट लाइट लगी है, जिसके सहारे टोरंट पावर कंपनी का अर्थिंग का तार लगा है, जो की खुली अवस्था में था। इस खुले पड़े तार को हटाने के लिए पति और मोहल्ले के लोगों मौखिक रूप से बोला था। इसके बावजूद टोरंट पावर और नगर निगम के अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की। स्ट्रीट लाइट के तार की ना तो टेपिंग की और न ही अर्थिंग वायर को हटाया गया। यह दोनों टेंपो पर गिर गए, जिससे पति और बेटे की मौत हो गई। दोनों की मौत के लिए टोरंट पावर, ईईएसएल और नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी जिम्मेदार हैं। सीओ सदर राजीव कुमार के मुताबिक लापरवाही से मौत की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। विवेचना की जा रही है। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की जांच में तय होगी जिम्मेदारी

इंस्पेक्टर सदर अजय कौशल ने बताया कि जांच में पता चला है कि स्ट्रीट लाइट के रखरखाव की जिम्मेदारी ईईएसएल कंपनी पर है।वहीं टाेरंट बिजली सप्लाई करती है। प्रथमदृष्टया इसमें ईईसीएल कंपनी की जिम्मेदारी प्रतीत हो रही है। अभी जांच की जा रही है।

एक दूसरे को बचाने में आए करंट की चपेट में

सबसे पहले करंट मोहर सिंह को लगा था। उनको बचाने में बेटा भूपिंदर आगे बढ़ा तो वह भी चिपक गया। चीख सुनकर घर में से बेटी कविता और बड़ा बेटा अवधेश पहुंचे। उन्होंने भी पिता को छुड़ाने की कोशिश की तो वे भी चिपक गए। इसके बाद मोहर सिंह की पत्नी ओमेशलता पहुंचीं। उन्होंने भी अपने पूरे परिवार को बिजली के तार से चिपका देखा तो वे उन्हें छुड़ाने लग गईं। इसके बाद वे भी उन्हीं के साथ चिपक गईं। पड़ोसियां ने बांस से तार को टेंपो से अलग हटाया। इसके बाद एक-एक करके सभी को अलग किया। ओमेशलता, बेटी कविता और बेटे अवधेश को होश आ गया। जबकि अधिक देर तक करंट लगने से मोहर सिंह और बेटे भूपिंदर की हालत खराब थी। उन्हें हास्पिटल ले गए। मगर, पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।

शादी वाले घर में छाया मातम

मोहर सिंह के बेटे अवधेश और बेटी कविता की शादी तय हो गई है। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। मोहर सिंह मकान में भी निर्माण कार्य करा रहे थे। खरीददारी भी शुरू हो गई थी। तिथि तय होने वाली थी। इससे पहले ही शुक्रवार को मोहर सिंह और उनके बेटे भूपिंदर की करंट लगने से मौत हो गई। इसके बाद से घर में मातम छाया हु़आ है।

Edited By: Prateek Gupta