आगरा, जागरण संवाददाता। खांसी का सीरप नशे के लिए इस्तेमाल हो रहा है। फव्वारा दवा बाजार में कफ सीरप का अवैध कारोबार करोड़ों में पहुंच गया है। दवा बाजार के साथ ही कॉलोनी और देहात में कफ सीरप के लिए गोदाम बना दिए हैं। यहां से बिहार, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली में सीरप की सप्लाई हो रही है। सूखी खांसी में कॉडीन फॉस्फेट कफ सीरप का इस्तेमाल किया जाता है। यह कॉडीन नारकोटिक्स में आती है, ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से नशा होने लगता है। अब इस दवा कफ सीरप का इस्तेमाल नशे के लिए होने लगा है। फव्वारा दवा बाजार में दो दर्जन से अधिक दुकानों पर हर महीने कोडीन युक्त कफ सीरप की लाखों बोतल की आपूर्ति कंपनी के सी एंड एफ से हो रही है। इसे कॉलोनी और देहात में बनाए गए गोदाम में रखा जा रहा है। 77 से 120 रुपये एमआरपी की कफ सीरप को 150 से 200 रुपये में बिहार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली सप्लाई किया जा रहा है। इनके बिल स्थानीय मेडिकल स्टोर के नाम से काट दिए जाते हैं। इससे मोटी कमाई हो रही है, कफ सीरप की बिक्री का टर्नओवर बढ़ता जा रहा है। औषधि निरीक्षक ब्रजेश यादव ने बताया कि पिछले एक साल में फर्मो द्वारा मंगाए गए कफ सीरप की जानकारी मांगी गई है। इसकी बिक्री कहां की गई, इसकी जांच की जाएगी। इसमें गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। बताते चलें कि नशेबाज आयोडेक्स का भी इस्तेमाल नशे के लिए करते हैं। इस लत में कई बच्चे चपेट में हैं।

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