आगरा, जागरण संवाददाता। लॉकडाउन में साइबर शातिर सरकार की मदद वाली योजनाओं को हथियार बना रहे हैं। पीएम केयर फंड, ईएमआइ में छूट, राशन वितरण समेत कई और बहाने बनाकर शातिर लोगों को एसएमएस या कॉल के माध्यम से जाल में फंसाकर उनके खाते खाली कर रहे हैं। दैनिक जागरण ने कोरोना के बहाने साइबर अटैक शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। अब रेंज साइबर सेल और साइबर क्राइम थाने में इस तरह की शिकायतें बढ़ने के बाद आइजी ए सतीश गणेश ने लोगों को जागरुक करने को एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने शुक्रवार को वीडियाे कांफ्रेंसिंग के माध्यम रेंज के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए।

लॉकडाउन में लोग अपने घरों में हैं। उनका अधिकतर समय सोशल मीडिया पर गुजर रहा है। कुछ प्रोफेसनल्स वर्क फ्रॉम होम के लिए भी इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में साइबर शातिर फिसिंग अटैक कर रहे हैं। थोड़ी सी चूक में ही ये मेहनत की कमाई को पार कर लेते हैं। रेंज साइबर सेल और साइबर क्राइम थाने में इस तरह के मामले बढ़ रहे हैं। आइजी ने अब तक साइबर शातिरों द्वारा ठगी को अपनाए गए हथकंडों से बचाव को एडवाइजरी जारी की है। आइजी ए सतीश गणेश के मुताबिक रेंज में जारी की गई एडवाइजरी की जानकारी उन्होंने एडीजी कानून व्यवस्था को दी थी। इसको प्रदेशभर के लिए उपयोगी मानते हुए एडीजी कानून व्यवस्था ने सभी जिलों के लिए यही एडवाइजरी जारी की है। इसका मूलमंत्र यही है कि किसी अंजान कॉल या एसएमएस पर यूं ही भरोसा न करें।

पीएम केयर फंड

कोरोना से लड़ाई को भारत सरकार द्वारा पीएम केयर फंड में दान करने के लिए लोगों से अपील की है। इसकी यूपीआइ पीएम केयर एट द रेट एसबीआइ प्रकाशित की गई थी। साइबर शातिर इससे मिलती जुलती यूपीआइ लोगों को एसएमएस से भेजकर दान करने को कहते हैं। उनके झांसे में आकर लोग रकम ट्रांसफर कर देते हैं।

ऐसे बचें

इसमें रकम ट्रांसफर करने से पहले अच्छी तरह यूपीआइ देख लें।

ईएमआइ में छूट

लॉकडाउन में आरबीआइ द्वारा सभी प्रकार के लोन पर ली जाने वाली मासिक किस्त यानी ईएमआइ पर तीन माह के लिए रोक लगाने के आदेश दिए गए थे। शातिर इसके लिए भ्रामक कॉल कर ईएमआइ पर रोक, छूट या माफी करने का झांसा देकर ठगी करते हैं।

ऐसे बचें

अंजान कॉल पर यूं ही भरोसा करें। उसके बारे में पूरी पड़ताल कर लें। किसी बैंक की ओर से ईएमआइ माफ करने को कोई कॉल नहीं की जा रही। यह स्वत: ही माफ हो रही है।

राशन वितरण

राशन पोर्टल पर पंजीकरण करने के नाम पर भ्रामक कॉल करके जाल में फंसाते हैं। लिंक भेजते हैँ। उसे क्लिक करते ही यूपीआइ से रकम ई वाॅलेट में ट्रांसफर कर लेते हैं।

रिलीफ फंड

केंद्र और राज्य सरकार किसानों, दिहाड़ी मजदूरों के खातों में रिलीफ फंड धनराशि देने की घोषणा की गई थी। यह धनराशि भेज दी गई है। साइबर अपराधी इसी का लाभ उठाकर कॉल करके खातों की डिटेल हासिल करके इन खातों को खाली कर रहे हैं।

रिवार्ड प्वाइंट

ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियों के प्रयोगकर्ताओं को भ्रामक कॉल करके उनके वैल्यूवेल कस्टमर होने के नाम पर प्रोमकार्ड या रिवार्ड प्वाइंट को नकदी परिवर्तित करने के नाम पर लिंक भेजते हैं। इस पर क्लिक करते ही लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं।

ये भी हैं तरीके

- फेसबुक मैसेंजर हैक करके

- वॉलेट अपडेट, केवाइसी

लॉकडाउन में आए रेंज में 33 मामले

आगरा- 20

मैनपुरी- 07

फीरोजाबाद- 04

मथुरा- 02

कुल केस- 33 

Posted By: Tanu Gupta

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