आगरा, जागरण संवाददाता। महामारी मलेरिया के तोड़ को दी जाने वाली कुनैन या क्‍लोरोक्विन पुराने लोगों को याद होगी। अब उसी क्‍लोरोक्विन का अपडेट वर्जन हाइड्रोक्‍सीक्‍लोक्विन एससीक्‍यू कोरोन पॉजिटिव मरीज के स्‍वजनों और संपर्क में आए लोगों को संक्रमण से बचाने के काम आ रहा है। चार सप्‍ताह का कोर्स कराने पर प्रारंभिक रिजल्‍ट अच्‍छे आ रहे हैं। मगर, अभी देश भर में एचसीक्‍यू को लेकर स्‍टडी चल रही है।

कोरोना पॉजिटव के संपर्क में आ रहे लोगों के बड़ी संख्‍या में संक्रमित होने से अप्रैल और मई के प्रथम सप्‍ताह में केस तेजी से बढ़े थे। ऐसे में पिछले दस दिन मेंं कोरोना पॉजिटिव मरीजों के स्‍वजनों को होम क्‍वारांटाइन करने के साथ एचसीक्‍यू टेबलेट का चार सप्‍ताह का कोर्स दिया जा रहा है। इसके बाद इनके सैंपल लिए जा रहे हैं, इसमें इनके सैंपल लिये जा रहे हैं। इसमें से अधिकांश की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अब संक्रमित के संपर्क में आए लोगों के साथ ही स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों को भी एचसीक्‍यू दी जाने लगी है।

इस तरह से कम हो रहे कोरोना के केस

मार्च में केस 12

एक से 29 अप्रैल तक 413

30 अप्रैल से 13 मई तक केस 360

14 मई से 26 मई तक केस 85

गठिया के दर्द में दी जाती है एचसीक्‍यू

एचसीक्‍यू गठिया रूमेटॉइड आर्थराइटिस के मरीजों को दी जाती है। उन्‍हें यह दवा लगातार लेनी होती है। इसके साइड इफेक्‍ट भी नहीं हैं। दिल के रोगियों को यह दवा नहीं दी जाती है। साथ ही इस दवा के साथ अन्‍य दवा भी नहीं देते हैं।

विशेषज्ञ की राय

कोरोना संक्रमित मरीज के स्‍वजनों को होम क्‍वारंटाइन करने के साथ काउंसिलिंग की जा रही है। कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए एचसीक्‍यू टेबलेट दे रहे हैं, उनके संपर्क में आए लोगों को भी यह दवा दी जा रही है। उन पर नजर रखी जा रही है। कोई समस्‍या होने पर तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना देने के लिए कहा जा रहा है।

डॉ नंदन सिंह, प्रभारी रैपिड रेस्‍पाेंस टीम कोरोना

आइसीएमआर की गाइड लाइनके तहत स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों को एचसीक्‍यू का कोर्स कराया जा रहा है। इस दवा के कोई साइड इफेक्‍ट नहीं हैं। मगर, चिकित्‍सक की देखरेख में ही दवा लेनी चाहिए।

डॉ प्रशांत प्रकाश, नोडल अधिकारी एसएन मेडिकल कॉलेज 

Posted By: Tanu Gupta

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