आगरा(जागरण संवाददाता): ताजनगरी में हवाई दर्शन की शुरुआत में रोड़े कम होने का नाम नहीं ले रहे। हेलीपोर्ट निर्माण के लिए पूर्व में चिह्नित 5.59 एकड़ जगह के अतिरिक्त 1.12 एकड़ जमीन की जरूरत है। यह जमीन एडीए व निजी स्वामित्व में है। इसके लिए पर्यटन विभाग ने प्रमुख सचिव/महानिदेशक पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी को उप्र एक्सप्रेस-वेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के माध्यम से जगह उपलब्ध कराने को पत्र भेजा है।

उप्र सरकार ताजनगरी में पर्यटकों के लिए हवाई दर्शन की शुरुआत करना चाहती है। इसका प्रस्ताव पिछले वर्ष तैयार किया गया था। इसके लिए इनर ¨रग रोड व लखनऊ एक्सप्रेस-वे से लगी उप्र एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की महुआ खेड़ा व मदरा स्थित 5.5984 एकड़ जगह का चयन किया गया था। इसकी वजह यहां जमीन के साथ सर्विस रोड बना होना भी है। हेलीपोर्ट के लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) के मानकों के अनुसार 200 मीटर लंबा रनवे होना अनिवार्य है। इसके लिए पिछले दिनों यूपीडा की जगह का उप्र पर्यटन, लोक निर्माण विभाग, यूपीडा की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया। जमीन की नापजोख के बाद डीजीसीए की जरूरत के अनुसार 6.7244 एकड़ जमीन की आवश्यकता बताई गई। पूर्व में चिह्नित जगह के बराबर में स्थित एडीए की 4290 वर्ग मीटर भूमि और निजी व्यक्ति की 267 वर्ग मीटर जमीन लेकर हेलीपोर्ट बनाया जा सकता है।

उपनिदेशक पर्यटन अमित ने बताया कि प्रमुख सचिव पर्यटन और यूपीडा को अतिरिक्त जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा गया है। जमीन उपलब्ध होने के बाद यहां हेलीपोर्ट निर्माण का काम शुरू कराया जाएगा। मिल चुके हैं पांच करोड़

हेलीपोर्ट के निर्माण को उप्र सरकार द्वारा लोक निर्माण विभाग को पांच करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। काम की शुरुआत जगह के फेर में अब तक शुरू नहीं हो सकी है।

Posted By: Jagran

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