आगरा, जेएनएन। पुलिस भर्ती परीक्षा में आगरा पुलिस द्वारा पकड़े गए मुन्नाभाई सॉल्वर गैंग में फीरोजाबाद के भी आधा दर्जन युवक शामिल बताए गए हैं। फीरोजाबाद पुलिस इनकी तलाश कर रही है।

आगरा पुलिस ने इस मामले में एटा और कासगंज निवासी तीन लोगों को पकड़ा है। पकड़े गए आरोपितों ने आगरा पुलिस को पूछताछ में फीरोजाबाद के मक्खनपुर निवासी अमन यादव, विजय यादव और अरङ्क्षवद यादव के नाम भी बताए थे। आगरा पुलिस से जानकारी पाकर फीरोजाबाद पुलिस ने इनकी तलाश शुरू की। एसपी ग्रामीण राजेश कुमार ने बताया कि इन तीनों युवकों के अलावा थाना मक्खनपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी रजनेश और गिरिजेश का नाम भी सामने आया है। ये सभी लोग भर्ती परीक्षाओं में आवेदकों की जगह मेधावी छात्रों से परीक्षा दिलाते हैं। इसकी एवज में वे आवेदकों से छह-सात लाख रुपये वसूलते हैं। एसपी ने बताया कि अब तक की पड़ताल में इन युवाओं द्वारा कई मुन्ना भाइयों से दूसरे आवेदकों की जगह परीक्षा दिलाने की बात सामने आई है। इन सभी युवकों की तलाश की जा रही है। इंस्पेक्टर मक्खनपुर विनय कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपितों के बारे में जानकारी की जा रही है।

पिछले साल भी पकड़े गए थे सॉल्वर गैंग के सदस्य

पिछले साल भी पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग के कई सदस्य फीरोजाबाद पुलिस द्वारा टूंडला समेत जनपद के कई अन्य स्थानों से गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे। पुलिस अब पुराने खिलाडिय़ों के सुराग भी जुटा रही है।

आगरा पुलिस ने सॉल्वर गैंग के सरगना समेत तीन दबोचे थे

शुक्रवार को पुलिस भर्ती परीक्षा के ‘मुन्ना भाई’ सॉल्वर गैंग के सरगना समेत तीन लोगों को आगरा क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था। यह लोग परीक्षा देने के बदले हुए सौदे की रकम वसूलने छत्ता बाजार आए थे। हर अभ्यर्थी से छह से सात लाख रुपये का सौदा हुआ था। तीनों को जेल भेज दिया गया।

एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में बताया था कि सॉल्वर गैंग का सरगना अनीश खान है। वह एटा के थाना जैथरा के नगला सबित का रहने वाला है। पकड़े गए दो अन्य आरोपित धर्मेद्र सिंह निवासी नगला कटील थाना पटियाली कासगंज और दुयरेधन निवासी अकबरपुर थाना अलीगंज, एटा हैं। आरोपितों ने बताया कि फीरोजाबाद के थाना मक्खनपुर निवासी अमन यादव, विजय यादव और अर¨वद यादव भी उनकी गैंग में हैं।

गिरोह केंद्र और राज्य की पुलिस भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को सात लाख रुपये तक में पास कराने का ठेका लेता था। आरोपित धर्मेद्र ने बताया कि उसने पुलिस भर्ती में आवेदन किया था। उसकी जगह सॉल्वर दुयरेधन ने लिखित परीक्षा दी थी। उत्तीर्ण होने के बाद वह प्रमाण पत्रों के सत्यापन और नाप-जोख कराने आया था। आरोपितों से एक स्कार्पियो भी बरामद की है। गिरोह को पकड़ने वाली टीम में इंस्पेक्टर छत्ता उमेश त्रिपाठी, सर्विलांस प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह, क्राइम ब्रांच के हरवेंद्र मिश्र शामिल हैं।

फोटो एप से चेहरों की करते थे मिक्सिंग

आरोपितों ने बताया कि वह फोटो एप की मदद से चकमा देते थे। परीक्षार्थी और सॉल्वर की फोटो मिक्सिंग कर देते। परीक्षक प्रवेश पत्र चेक करने पर सॉल्वर को आसानी से नहीं पहचान पाता।

पुलिस, रेलवे और सी-टेट में बैठा चुका सॉल्वर

सॉल्वर अनीश खान ने पुलिस को बताया कि उसने पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा में चार सॉल्वर बैठाए थे। सभी पास हो गए। इसके अलावा रेलवे की ग्रुप डी परीक्षा में भी चार सॉल्वर बैठाए थे। सी-टेट में भी एक सॉल्वर को बैठाया। सरगना अनीश ने पुलिस को बताया कि वह शिकार और सॉल्वर दोनों कोचिंग सेंटर से तलाश करता था।

अब तक 16 हो चुके हैं गिरफ्तार

पुलिस एक सप्ताह में 16 फर्जी अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अधिकांश फोटो मिलान नहीं होने पर पकड़े गए।

बौखलाए गैंग ने टीसीएस के अधिकारी को दी धमकी

अभिलेख सत्यापन में सॉल्वर पकड़े जाने से गैंग बौखला गया है। गैंग के सदस्यों ने गुरुवार को भर्ती की तकनीकी सहायक कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के अधिकारी को धमकी दी। अधिकारी ने थाना हरीपर्वत में मुकदमा लिखाया है। गुरुवार शाम 6.30 बजे टीसीएस के आगरा प्रभारी अरविंद सिंह को सॉल्वर गैंग के सदस्यों ने धमकी दी। अरविंद के मुताबिक गुरुवार को वह खंदारी के शास्त्री नगर स्थित अपने फ्लैट में थे। एक युवक उनके फ्लैट पर पहुंचकर धमकी दी कि तुम हमारे लड़कों को पकड़वा रहे हो, हम तुम्हें देख लेंगे। उसके कुछ साथी भी फ्लैट के बाहर खड़े थे। हरीपर्वत थाने में उनकी तहरीर पर पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर ली। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि हुलिया के आधार पर युवकों की तलाश की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी कैमरे भी चेक कराए जा रहे हैं।

 

Posted By: Tanu Gupta

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस