आगरा, जागरण संवाददाता। कोरोना वायरस के संक्रमण रूपी ग्रहण से पर्यटन उद्योग उबर नहीं सका है। 20 माह से अधिक समय से विदेशी पर्यटकों के नहीं आने की वजह से गाइड खाली बैठे हैं। इंटरनेशनल फ्लाइटों को होल्ड किए जाने से उन्हें हाल-फिलहाल राहत भी मिलती नजर नहीं आ रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गाइडों को एक लाख रुपये तक का ऋण देने की घोषणा की थी, जिसका बैंकों द्वारा संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।

कोरोना वायरस के संक्रमण काल में पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने 17 मार्च से स्मारकों को बंद कर दिया था। 23 मार्च से इंटरनेशनल फ्लाइट को स्थगित कर दिया गया था। कोरोना वायरस का संक्रमण कम होने पर डिप्लोमेट, बिजनेस और स्टूडेंट वीजा तो शुरू कर दिए गए थे, लेकिन टूरिस्ट वीजा सर्विस को बंद रखा गया था। इससे आगरा का पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ था। केंद्र सरकार द्वारा 15 दिसंबर से इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू करने की घोषणा करने के बाद 20 माह से खाली बैठे गाइडों को उम्मीद की किरण नजर आई थी। ओमिक्रोन के मामले बढ़ते देख सरकार ने फ्लाइटों को होल्ड कर दिया। इससे पर्यटन कारोबार से जुड़े गाइडों को काफी निराशा हाथ लगी है। आगरा में डिपार्टमेंट आफ टूरिज्म और उप्र पर्यटन के एक हजार से अधिक गाइड हैं। विदेशी पर्यटकों के नहीं आने की वजह से सभी 20 माह से खाली बैठे हैं। जून में की थी घोषणा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जून में पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए आर्थिक पैकेज में ऋण देने की घोषणा की थी। गाइडों को एक लाख रुपये तक का ऋण दिया जाना था। उप्र पर्यटन विभाग ने गाइडों से ऋण के लिए आवेदन भी मांगे थे, लेकिन किसी को भी ऋण नहीं मिला। टूरिस्ट गाइड वेलफेयर एसोसिएशन ने वित्त मंत्री को पत्र भेजकर योजना के तहत ऋण दिलाने की मांग की है। केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को ऋण देने की घोषणा की गई थी। बैंकों द्वारा इसके बावजूद ऋण नहीं दिए जाने से योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

दीपक दान, अध्यक्ष टूरिस्ट गाइड वेलफेयर एसोसिएशन 20 माह से गाइड खाली बैठे हैं। कोरोना वायरस का संक्रमण कम होने के बाद इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू होने पर विदेशी पर्यटकों के आने पर ही काम मिल सकेगा।

राजीव सिंह ठाकुर, गाइड

Edited By: Jagran