आगरा, जागरण संवाददाता। एसएन मेडिकल कालेज की नई इमारत तक जाना आसान नहीं है। पानी, कीचड़, खुला सीवर, फिसलन के बीच जाते तीमारदार भगवान का नाम लेते हुए इस रास्ते को पार करते हैं। फिसलन इतनी ज्यादा है कि कई बार तीमारदार गिर चुके हैं। अगर वाहन गुजर रहे हों तो पैदल जाने वालों को रूकना पड़ता है वर्ना कीचड़ की छींटे आ जाएंगे।

मेडिकल कालेज की नई इमारत तक जाने के लिए तीमारदारों को काफी परेशानी हो रही है। बरसात में यहां तालाब जैसा बन गया है। सड़क टूट चुकी है। रास्ता कच्चा है, जिसमें कीचड़ और पानी भरा हुआ है। तीमारदारोंं ने ईंटे रखकर अपने पैर खराब होने से बचाने की कोशिश की है, पर सफलता नहीं मिली है। जूते-चप्पल सब कीचड़ में भर जाते हैं।

खुला सीवर है जोखिम

इसी रास्ते पर कोढ़ में खाज का काम कर रहा है खुला सीवर। पिछले हफ्तों में कई वाहन इसमें गिर चुके हैं क्योंकि पानी भरने से यह नजर नहीं आता था। तीमारदारों को चोट भी लगी है। इसलिए इस सूखे सीवर में डंडे खड़े कर दिए गए हैं।

रात में होती है दिक्कत

तीमारदार राजू ने बताया कि रात में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। कई लोग यहां फिसल चुके हैं। चिकित्सकों से शिकायत भी की है, पर सुनवाई नहीं होती। तीमारदार सोनू देवी ने बताया कि शुक्रवार को हुई बरसात में स्थिति काफी खराब हो गई थी, एेसा लग रहा था मानो नदी से गुजर कर जा रहे हों।

मुझे जानकारी मिली है कि सड़क का प्रपोजल शासन से पास हो चुका है। जल्द से जल्द सड़क बनवाई जाएगी- डा. प्रशांत गुप्ता, कार्यवाहक प्राचार्य, एसएन मेडिकल कालेज 

Edited By: Tanu Gupta