गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई का खास गुर्गा प्रदीप शुक्ला भोपाल में गिरफ्तार, आगरा के पास बाह में खड़ा किया था गैंग
एसटीएफ भोपाल ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खास गुर्गे प्रदीप शुक्ला को धौलपुर-मुरैना सीमा से गिरफ्तार किया है। आगरा के ...और पढ़ें

गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई।
जेएनएन, आगरा। स्पेशल टास्क फोर्स भोपाल ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई के खास गुर्गे प्रदीप शुक्ला को गिरफ्तार किया है। आगरा जनपद के बाह में बिजौली गांव का रहने वाला प्रदीप मप्र और आसपास के राज्यों में गैंग के नेटवर्क को विस्तार दे रहा था।
लंबे समय से एसटीएफ के रडार पर चल रहे प्रदीप को राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा धौलपुर-मुरैना के बीच स्थित एक गांव से घेराबंदी कर पकड़ा गया। प्रदीप ने बाह क्षेत्र के युवाओं को मिलाकर अपना गैंग बनाया।
फिल्म निर्देशक रोहित शेट़्टी के मुंबई स्थित आवास पर गोलियां बरसाने के मामले में बाह बिजौली के बदमाशों का गैंग सामने आया था। इसके कुछ सदस्य पूर्व में पकड़े जा चुके हैं।
प्रदीप शुक्ला गोवा, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में अपनी फरारी काट चुका है और पुलिस से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। गिरफ्तारी के वक्त वह राजस्थान भागने की फिराक में था।
जांच में यह बात सामने आई है कि भोपाल के अशोक नगर में पिछले दिनों दी गई धमकियों के मामले में प्रदीप की भूमिका बेहद अहम थी।
उसका मुख्य काम शिकार की पहचान करना, उनकी गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखना और पल-पल की जानकारी गिरोह के सरगनाओं तक पहुंचाना था। प्रदीप शुक्ला पर अब तक हत्या के प्रयास, रंगदारी और अवैध हथियारों से संबंधित 10 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं।
वह एक स्लीपर सेल की तरह काम कर रहा था, जो स्थानीय स्तर पर गिरोह के लिए जमीन तैयार करता था। मध्य प्रदेश में लारेंस गैंग के लाॅजिस्टिक और सूचना तंत्र को संभाल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह केवल इंटरनेट काॅलिंग का उपयोग करता था।
मोबाइल सिम कार्ड बार-बार बदलता था। पिछले दो माह में बिश्नोई के नाम से मध्य प्रदेश में कई लोगों को धमकी व अन्य वारदात के बाद मध्य प्रदेश के डीजीपी ने जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को सौंपी है।
एसटीएफ ने इसके लिए एसआइटी का गठन किया है जो आरोपितों का नेटवर्क पता लगाने में जुटी है। एडीजी एसटीएफ भोपाल डी श्रीनिवास वर्मा ने प्रदीप शुक्ला की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।