आगरा (महेश चौधरी): गांव के बच्चे जल्द ही फ्रेंच और जापानी भाषा में बोलते नजर आएंगे। उप्र बोर्ड में बदलाव की बयार है। अब माध्यमिक स्कूलों में विदेशी भाषाएं भी पढ़ाए जाने की तैयारी है। कक्षा नौ और दस के विद्यार्थी फ्रेंच, जापानी, स्पेनिश और जर्मन भाषा का अध्ययन करेंगे। खास तौर से शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े विकास खंडों में स्थित विद्यालयों में यह सुविधा जुलाई से ही लागू किए जाने पर जोर है।

सामान्यत: उप्र बोर्ड के छात्रों को अंग्रेजी भाषा में कमजोर माना जाता है, खासतौर से बोलचाल में। जबकि अंग्रेजी भाषा के जानकारों को रोजगार के अवसर अधिक मिलते हैं और विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने में भी सहूलियत रहती है।

एनसीईआरटी की किताबें लागू कर खुद को सीबीएसई के समकक्ष खड़ा करने के बाद उप्र बोर्ड ने अगला कदम उठाया है। फ्रेंच, जापानी, स्पेनिश और जर्मन भाषा को लागू कर विद्यार्थियों के लिए रोजगार की दृष्टि से नई संभावनाओं को जन्म दिया है। इन विदेशी भाषाओं को भूमंडलीकरण के दौर में उपयोगी माना गया है, इससे विद्यार्थियों को भविष्य में अन्य देशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आसानी होगी और पर्यटन उद्योग में रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। डीआइओएस रविन्द्र सिंह ने बताया कि विदेशी भाषाओं के अध्ययन की व्यवस्था राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत पहली बार लागू की गई है।

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-प्रत्येक विद्यालय में दो विदेशी भाषा

प्रत्येक विद्यालय में अधिकतम दो विदेशी भाषाओं का अध्ययन किया जा सकेगा। एक विदेशी भाषा के लिए न्यूनतम 25 छात्र-छात्राएं नामांकित कराए जाने होंगे। प्रथम वर्ष कक्षा नौ में इसके लिए नामांकन कराया जाएगा। कोर्स की अवधि तीन माह की होगी। विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षक का चयन संविदा पर किया जाएगा। उसे दस हजार रुपये प्रति विद्यालय की दर से मानदेय का भुगतान किया जाएगा। यह कार्य 15 जुलाई तक करना होगा। अध्यापन में स्मार्ट क्लासेस का भी प्रयोग किया जाएगा।

-- -सूबे के इन शहरों में लागू हुई व्यवस्था

आगरा, मथुरा, इलाहाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी के कुल 50 स्कूलों में विदेशी भाषाओं के अध्ययन की व्यवस्था को लागू किया गया है।

-- -जिले के इन स्कूलों में

होगी विदेशी भाषा

राजकीय हाईस्कूल रायभा, राजकीय जूनियर हाईस्कूल खेरागढ़, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कछपुरा, जूनियर हाईस्कूल तेहरा, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज खंदौली, राजकीय कन्या उ.मा.वि.गढ़ी चान अछनेरा, वीरांगना अवंतीबाई जीआइसी कलाल खेरिया आदि विद्यालयों में विद्यार्थियों को विदेशी भाषाओं का अध्ययन कराया जाएगा।

Posted By: Jagran

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