आगरा, जेएनएन। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार अपने फायदे के लिए समाज और देश को बांटना चाहती है। नागरिकता संशोधन कानून संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। आसाम में जहां एनआरसी लागू है, क्या वहां की जनता खुश है? यह कानून मुसलमानों को बाहर करने की साजिश है। हिंदू मुसलमानों के बीच दूरियां पैदा की जा रही है। जब जनता के पास आधार कार्ड है तो नागरिकता संशोधन कानून की क्या जरूरत है। लोग अपने पिता और माता का जन्म का प्रमाण पत्र कहांं से लाएंगे? संसद में विपक्षियो की संख्या कम है इसलिये ये कानून पास हो गया। संसद में भी सरकार सांसदों को इस बारे में गुमराह करती रही यही वजह कि बीजेपी के नेताओ को जनता को कानून की जानकारी देने के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है। एक सवाल के जवाब में कहा कि असम जाने के लिए इनर लाइन परमिशन की जरूरत पड़ेगी, शायद प्रधानमंत्री का परमिशन अभी नहीं बना होगा इसलिये मोदी जी असम नहीं जा पा रहे हैं। इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के किसी जज से कराया जाए। इसके बाद सपा मुखिया शिकोहाबाद में आईजी नवनीत सिकेरा को हुए पितृ शोक पर संवेदना व्यक्त करने भी पहुंचे। 

20 दिसम्बर को शहर में हुई हिंसा के दौरान मारे गए लोगों के स्वजनों को ढांढस बांधने के लिए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मृतक अरमान के घर पहुंचे थे। यहीं पर सभी मृतकों के स्वजन बुलाये गए थे। इसके मद्देनजर शहर के चप्‍पे चप्‍पे में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। अखिलेश के साथ साथ चुनिंदा नेताओ को ही अंदर जाने दिया गया। पूर्व सांसद अक्षय यादव और धर्मेंद्र यादव अखिलेश के साथ पीड़ित परिवारों से बात की।

सपा मुखिया के आगमन को लेकर खासकर हाईवे पर नैनी चौराहा से लेकर नगला बरी तक जगह जगह पुलिस फोर्स तैनात था। डीएम चंद्र विजय सिंह, एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह और एसपी ग्रामीण राजेश कुमार पुलिस फोर्स के साथ सुरक्षा व्‍यवस्‍था देख रहे हैं। 

बता दें कि शनिवार को एक तरफ जहां सीएए के समर्थन में भाजपाई जोश में हैं, वहीं दूसरी तरफ हाईवे पर सपाइयों की भीड़ लगी हुई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव उपद्रव में मारे गए छह युवकों के परिवारों से मुलाकात कर संवेदनाएं जताने पहुंचेे हुए हैं। हाईवे स्थित नैनी ग्लास के पास मृतक अरमान के यहां सभी छह परिवारों को बुलाया गया है। अख्‍ािलेश यहां पार्टी की ओर से पीडि़त परिवारों को आर्थिक सहायता के चेक भी प्रदान करने वाले हैं। पीडि़त परिवारों से यहां मुलाकात के बाद अखिलेश यादव डबरई स्थित पार्टी कार्यालय पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। 

20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद हुए उपद्रव में छह युवकों की मौत हुई थी। इसके बाद राजनैतिक दलों का संवेदनाएं जताने का क्रम जारी है। इससे पहले सपा के राष्ट्रीय महासचिव पूर्व सांसद रामजीलाल सुमन और फीरोजाबाद के पूर्व सांसद अक्षय यादव परिवारों से मुलाकात कर चुके हैं। इससे पूर्व शुक्रवार को अखिलेश यादव के कार्यक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठककर कार्यक्रम की जानकारी ली थी। पूर्व सांसद अक्षय यादव ने सभी कार्यकर्ताओं को कार्यालय पर रहने और शांति व्यवस्था रखने को कहा।

 

Posted By: Tanu Gupta

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