आगरा, जागरण संवाददाता। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) द्वारा कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने को दी जा रही छूट विदेशी पर्यटकों को भा रही है। स्मारकों के दीदार को आने वाले आधे से अधिक विदेशी पर्यटक कैशेलेस भुगतान कर टिकट खरीद रहे हैं। हालांकि, देसी पर्यटकों का इसमें अधिक रुझान नहीं है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) द्वारा अगस्त, 2018 में स्मारकों के टिकट के दामों को बढ़ाया गया था। विश्वदाय स्मारकों पर विदेशी पर्यटकों के लिए निर्धारित 500 रुपये के टिकट (स्वयं के प्रवेश शुल्क, पथकर अलग) को बढ़ाकर 600 रुपये और भारतीयों का टिकट 30 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये का कर दिया था। इसके साथ ही विभाग द्वारा कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने को पर्यटकों को छूट देने की शुरुआत की गई थी। विदेशी पर्यटकों को प्रत्येक टिकट पर 50 रुपये और भारतीय पर्यटकों को पांच रुपये की छूट दी जाती है। स्मारकों के दीदार को आने वाले विदेशी पर्यटकों को कैशलेस भुगतान कर टिकट खरीदना भा रहा है। वो कार्ड स्वेपिंग, ऑनलाइन पेमेंट या वॉलेट से पेमेंट कर टिकट खरीद रहे हैं। आगरा किले के आंकड़ों को ही देखें तो यहां दिसंबर, 2018 में 16938 विदेशी पर्यटकों ने टिकट कैशलेस भुगतान कर खरीदे गए। जबकि इस अवधि में केवल 818 भारतीयों ने ही कैशलेस भुगतान कर टिकट खरीदा।

आगरा किला पर स्थिति (विदेशी पर्यटकों की संख्या)

माह, नकद भुगतान, ऑनलाइन भुगतान

अगस्त, 23288, 7843

सितंबर, 20977, 10653

अक्टूबर, 30291, 19045

नवंबर, 33937, 24513

दिसंबर, 29163, 16938

आगरा किला पर स्थिति (देसी पर्यटकों की संख्या)

माह, नकद भुगतान, ऑनलाइन भुगतान

अगस्त, 147281, 2246

सितंबर, 177714, 2483

अक्टूबर, 211249, 2304

नवंबर, 185672, 1565

दिसंबर, 206595, 818 

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Posted By: Tanu Gupta