आगरा, जागरण संवाददाता। भयंकर कोहरा, शून्‍य दृश्‍यता, बर्फीली हवा और गलनभरी सर्दी के साथ सोमवार की सुबह हुई। सुबह जब लोग नींद से जागे तो सूर्य देव की जगह धुंध ही धुंध दिखाई दे रही थी। सबसे ज्‍यादा मुश्किल सुबह स्‍कूल जाने वाले बच्‍चाेें को हुई। अभिभावकों ने गर्म कपड़ों की अतिरिक्‍त लेयर पहनाकर नौनिहालों को स्‍कूल भेजा। हाईवे पर शून्‍य दृश्‍यता के कारण वाहन रेंगते हुए दिखाई दिए। सुबह 11 बजे तक धुंध छाई हुई थी। मौसम के इस बदले मिजाज के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 21 जनवरी को बारिश हो सकती है। वहीं इसके बाद भी कोहरे से राहत नहीं मिलेगी। पूरा सप्‍ताह कोहरा और ठंडी हवाओं से लोग ठिठुरते रहेंगे। सोमवार को अब तक का अधिकतम तापमान 16.7 और न्‍यूनतम 8.3 डिग्री दर्ज किया गया।

इससे पूर्व रविवार को धूप निकलने से राहत मिली थी। दोपहर में तेज धूप निकली, शाम को गलन भरी सर्दी में लोग ठिठुरते रहे। सुबह कोहरा और धुंध के बाद नौ बजे से धूप निकली। दोपहर 12 बजे के बाद धूप तेज होती गई। मगर, सर्द हवा भी चलती रही। धूप में खड़े होने पर सर्दी से राहत मिली, चार बजे तक धूप निकली। शाम को सर्द हवा चलने लगी, अधिकतम आद्र्रता 100 फीसद तक पहुंच गई। रात को गलन भरी सर्दी में लोग ठिठुरते रहे। इससे अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री कम 18.6 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 9.7 डिग्री दर्ज किया गया।

24 जनवरी से छट जाएगा कोहरा

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि सोमवार को कोहरा छा सकता है, इससे तापमान आठ डिग्री तक पहुंच सकता है। 23 जनवरी तक कोहरा छाए रहने की आशंका है। 24 जनवरी के बाद बादल छट जाएंगे। न्यूनतम तापमान सात डिग्री तक पहुंच सकता है।

आगरा में 183 रहा एक्यूआइ

ताजनगरी में रविवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 183 दर्ज किया गया। सीपीसीबी की गाइड लाइन के अनुसार यह मध्यम स्थिति है। यहां वायु प्रदूषण अधिक की वजह अति सूक्ष्म कणों की मात्र अधिक होना रहा।

सीपीसीबी द्वारा प्रतिदिन देश के ऑटोमेटिक मोनिटरिंग स्टेशनों पर एकत्र आंकड़ों के आधार पर विभिन्न शहरों में वायु प्रदूषण की स्थिति पर रिपोर्ट जारी की जाती है। संजय प्लेस स्थित ऑटोमेटिक मोनिटरिंग स्टेशन के आधार पर रविवार को आगरा में एक्यूआइ 183 रहा। यह शनिवार के एक्यूआइ 165 से अधिक था। यहां अति सूक्ष्म कणों की अधिकतम मात्र 325 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रही।यह मानक 60 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के पांच गुना से अधिक रही।

 

Posted By: Tanu Gupta

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