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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आगरा विश्वविद्यालय में सामने आया करोड़ों का एफडी घोटाला

By amal chowdhuryEdited By:
Published: Mon, 07 Aug 2017 03:11 PM (IST)

कॉलेज को नोटिस जारी कर 20 अगस्त तक जवाब मांगा है। इसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आगरा विश्वविद्यालय में सामने आया करोड़ों का एफडी घोटाला
आगरा विश्वविद्यालय में सामने आया करोड़ों का एफडी घोटाला

आगरा (जागरण संवाददाता)। अंबेडकर विवि में घोटालों पर रोक के सारे उपाय फेल हो गए हैं। अबकी बार करोड़ों का फिक्स डिपोजिट (एफडी) घोटाला सामने आ रहा है। कॉलेज संचालकों ने विवि से मान्यता के लिए एफडी जमा कीं। बाद में विविकर्मियों की मिलीभगत से कुछ संचालकों ने इनका भुगतान करा लिया, तो कइयों ने बंधक एफडी पर लोन ले लिया।

अब मामला सामने आने के बाद कॉलेज संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। विवि से मान्यता के लिए कॉलेजों द्वारा प्राभूति राशि में दो से ढाई लाख रुपये (हर विषय के लिए अलग) की सावधि जमा (एफडी) जमा की जाती है। विवि से मान्यता समाप्त होने पर ही यह वापस हो जाती है। कॉलेज संचालक एफडी की ब्याज ले सकते हैं। इसके लिए कॉलेज संचालकों को कुलपति से अनुमति लेनी होती है। कॉलेजों ने इन्हें कैश करा लिया।

विवि प्रशासन को एफडी बाहर निकालने और उसका भुगतान करने की शिकायतें मिलने पर जांच शुरू हुई। पीआरओ डॉ. गिरजा शंकर शर्मा ने बताया कि चंद्र प्रभा महाविद्यालय, सराय नीम, जलेसर एटा की एफडी पर कॉलेज संचालक लोन ले चुके हैं। कुछ एफडी परिपक्व को चुकी हैं।

कॉलेज को नोटिस जारी कर 20 अगस्त तक जवाब मांगा है। इसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब ऐसी करीब एक हजार एफडी संबंधित बैंकों में भेज कर जांच कराई जा रही है। इस मामले में कॉलेज प्राचार्य डॉ. आशुतोष पचौरी से फोन पर संपर्क किया गया लेकिन बात नहीं हो सकी।

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विवि में रख दी एफडी की फोटी कॉपी: विवि की जांच में सामने आया है कि कॉलेज संचालकों ने विवि से एफडी निकलवा लीं। विवि की सख्ती के बाद एफडी की कलर फोटोकॉपी रख दी हैं। इन सभी की जांच कराई जा रही है।

विवि अधिकारियों की मिलीभगत: एफडी घोटाले में विवि के संबद्धता और वित्त विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। इन सभी को चिन्हित किया जा रहा है। इन्हें निलंबित करने की तैयारी है।

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