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धौलपुर में नकली दूध का बड़ा खेल उजागर: पाम ऑयल और पाउडर से बनता था दूध, तीन राज्यों में सप्लाई

Published: Sat, 03 Oct 2026 09:17 AM (IST)

धौलपुर की गुर्जर कॉलोनी में पाम ऑयल और मिल्क पाउडर से बन रही नकली दूध फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। ...और पढ़ें

धौलपुर। नकली दूध की फैक्ट्री में कार्रवाई करती पुलिस। फोटो- जागरण।

धौलपुर। नकली दूध की फैक्ट्री में कार्रवाई करती पुलिस। फोटो- जागरण।

HighLights

  1. धौलपुर में नकली दूध फैक्ट्री का पुलिस ने किया पर्दाफाश।

  2. पाम ऑयल और मिल्क पाउडर से बनता था नकली दूध।

  3. प्रतिदिन 20 हजार लीटर दूध की होती थी अवैध सप्लाई।

संवाद सूत्र, धौलपुर। पाम ऑयल और मिल्क पाउडर से धौलपुर की गुर्जर कॉलोनी में बड़े पैमाने पर नकली दूध तैयार किया जा रहा था। हर दिन 20 हजार लीटर नकली दूध तैयार कर उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और राजस्थान के कई बड़े प्लांटों पर टैंकरों से सप्लाई किया जा रहा था। पुलिस ने शुक्रवार को छापा मारकर नकली दूध फैक्ट्री का पर्दाफाश कर दिया। मौके से बड़ी मात्रा में नकली दूध बनाने की सामग्री बरामद की है। स्वास्थ्य विभाग ने दूध के सेंपल लिए हैं।
धौलपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में भागीरथ गुर्जर के घर में लंबे समय से नकली दूध बनाने का खेल चल रहा था। धौलपुर पुलिस ने यहां छापा मारा तो दूध से भरा एक टैंकर मिला। यहां काम कर रहे लोग भाग गए।

फैक्ट्री से पाम ऑयल से भरे 124 और खाली 60 पीपे मिले। इसके अलावा 40 कट्टे स्किम्ड मिल्क पाउडर, दो दर्जन खाली ड्रम और लिक्विड ग्लूकोज, दो बड़ी मशीनें बरामद हुईं। गैस चूल्हे, सिलेंडर और जनरेटर समेत अन्य उपकरण भी मौके से बरामद हुए।

पाम ऑयल और मिल्क पाउडर से तैयार हो रहा था प्रतिदिन 20 हजार लीटर दूध

पुलिस ने धौलपुर के सादिकपुर निवासी रामू शर्मा और टैंकर चालक ओडेला निवासी राजकुमार काे मौके से गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि नकली दूध फैक्ट्री भागीरथ संचालित कर रहा था। उसके साथ दोनारी निवासी राघवेंद्र उर्फ सोनू शर्मा भी काम करता था। पुलिस अब फरार सरगना और उसके साथियों की गिरफ्तारी को दबिश दे रही है।

राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में टैंकरों से हो रही थी नकली दूध की सप्लाई

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित प्रतिदिन 20 हजार लीटर दूध तैयार कर सप्लाई किया जाता था। इसे टैंकरों के माध्यम से राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बड़े प्लांटों पर भेजा जाता था। वहां से यह दूध डेरियों तक पहुंचता था। इससे प्रतिदिन तीन से चार लाख रुपये की कमाई होती थी। मौके पर चार हजार लीटर नकली दूध से भरा टैंकर मिला।

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टीम ने लिया सैंपल

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सैंपल लिया है। यह दूध जंगल में खाली कराने के बाद फैक्ट्री के गोदाम को सील कर दिया गया है। भागीरथ गुर्जर, राघवेंद्र, रामू शर्मा, टैंकर चालक राजकुमार शर्मा और उसके भाई हरिओम के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।