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Agra News: कैबिनेट मंत्री के बेटे को दिए गलत इंजेक्शन की कोलकाता में होगी जांच, जानिए क्या है पूरा मामला?

Agra Newsआगरा में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के पुत्र अलौकिक उपाध्याय को गलत इंजेक्शन दिए जाने के मामले में जांच जारी है। इस पूरे मामले को लेकर अब जांच जारी है। निर्माता कंपनी से भी इंजेक्शन के बारे में जानकारी मांगी गई है।

By Jagran NewsEdited By: Swati SinghPublished: Fri, 26 May 2023 08:15 AM (IST)Updated: Fri, 26 May 2023 08:15 AM (IST)
कैबिनेट मंत्री के बेटे को दिए गलत इंजेक्शन की कोलकाता में होगी जांच

आगरा, जागरण संवाददाता। आगरा में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के पुत्र अलौकिक उपाध्याय को गलत इंजेक्शन दिए जाने के मामले में जांच जारी है। नकली इंजेक्शन की बिक्री के मामले में अभी स्वास्थ्य विभाग पत्राचार कर रहा है। वहीं, इंजेक्शन की जांच कोलकाता की लैब में कराई जाएगी।

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इस पूरे मामले को लेकर अब जांच जारी है। निर्माता कंपनी से भी इंजेक्शन के बारे में जानकारी मांगी गई है। अलौकिक उपाध्याय की पत्नी का उपचार चल रहा है। डॉक्टर ने हृयूमोग 75 एमजी इंजेक्शन लगवाने के लिए कहा था। आरोप है कि गर्ग मेडिकल एजेंसी से हृयूमोग 75 एमजी इंजेक्शन 400 रुपये में खरीदा।

बिल में दर्ज बैच नंबर और इंजेक्शन पर लिखे बैच नंबर में अंतर था। मामला डीएम नवनीत सिंह चहल तक पहुंच गया। डीएम के निर्देश पर गुरुवार को सिटी मजिस्ट्रेट आनंद कुमार और औषधि विभाग की टीम ने छापा मारकर स्टाक में मिले 65 इंजेक्शन की बिक्री पर रोक लगा दी थी।

कोलकाता की लैब में ही हो सकती है इंजेक्शन की जांच

सहायक औषधि आयुक्त एके जैन ने बताया कि इंजेक्शन की जांच कोलकाता में ही लैब में हो सकती है। लैब को जांच के लिए पत्र भेजा गया है। जवाब आने पर ड्रग इंस्पेक्टर कोल्ड चेन (2 से 8 डिग्री सेल्सियस)मेंटेन करके इंजेक्शन को कोलकाता ले जाएंगे। अभी इंजेक्शन को सेंट्रल ड्रग स्टोर में रखा गया है। जांच होने के बाद ही कार्रवाई होगी।

ये था पूरा मामला

गौरतलब है कि दिल्ली गेट पुष्पांजलि हॉस्पिटल स्थित गर्ग मेडिकल एजेंसी ने आगरा में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के पुत्र अलौकिक उपाध्याय को गलत बैच नंबर का इंजेक्शन दे दिया था। वहां पर उनकी पत्नी का इलाज चल रहा था। बिल और इंजेक्शन के बैच के मिलान में ये गड़बड़ी पकड़ में आई। इस पर उन्होंने डीएम से शिकायत की थी । डीएम ने एडीएम सिटी को औषधि विभाग के निरीक्षक के साथ जांच के लिए भेजा। टीम ने इंजेक्शन की बिक्री पर रोक लगा दी थी।


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