आगरा, यशपाल चौहान। धरोहरें इतिहास का आईना होती हैं, लेकिन इसमें लगातार लालच की खरोंच पडऩे से इतिहास धुंधला रहा है। इस आईने को साफ सुथरा रखने की जिम्मेदारी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की है, लेकिन उसके बंधे हाथ विरासत लुटते देख रहे हैं। इसका ताजातरीन उदाहरण है फतेहपुर सीकरी का किला, जिसे मुगल बादशाह अकबर ने सिर्फ रहने के लिए नहीं बल्कि दुनिया को एक 'विचार' देने के लिए बनवाया था। पहले इसे विदेशी लुटेरों ने लूटा और अब लालच लूट रहा। हालत यह है कि किले के आसपास ही नहीं पूरे कस्बा जबरदस्त अतिक्रमण की चपेट में है।

दरगाह के ठीक सामने स्थित एशिया का सबसे ऊंचा एकल तल निर्माण बुलंद दरवाजा ही नहीं इसके सौ मीटर की परिधि में ही दो अवैध निर्माण हो गए हैं। इसी तरह रंगमहल, सिटी वाल, दिल्ली गेट, आगरा गेट जैसे संरक्षित क्षेत्रों में भी अवैध निर्माण हो गए हैं। आलम यह है कि टूरिस्ट गाइड देसी-विदेशी टूरिस्टों को महज अकबर के किले के कुछ भीतरी हिस्से और शेख सलीम चिश्ती की दरगाह अंदर से दिखाकर ही विदा कर देते हैं। तमाम अहम हिस्से पर्यटकों के यात्रा वृत्तांत का हिस्सा बनने से ही रह जाते हैं। इसका असर स्थानीय लोगों के रोजगार पर भी पड़ रहा है जो इन पर्यटकों पर ही निर्भर है। इससे स्थानीय लोगों के साथ एएसआइ के कर्मचारी, गाइड व धरोहरों की संजोने की हिमायत करने वाले आहत हैं लेकिन सुस्त व्यवस्था हार बार अंगड़ाई लेकर सो जा रही है।

लपकागीरी पर अंकुश पर अवैध निर्माण बेअसर

स्थानीय लोग बताते हैं कि हाल के दिनों में पुलिस की सख्ती से लपकागीरी पर कुछ हद तक अंकुश लगा है, लेकिन अवैध निर्माण करने वाले अब तक बेखौफ हैं। यह जरूर है कि कुछ अवैध निर्माणों पर ध्वस्तीकरण के आदेशों के बाद सील कर दिया गया है, लेकिन अभी तक बुलडोजर नहीं चला है।

सूरते हाल 

-09 किलोमीटर में फैला फतेहपुरी सीकरी स्मारक

-500 से अधिक अवैध निर्माण हैं निषिद्ध और विनियमित क्षेत्र में

-06 साल में खड़े हो गए दर्जनों अवैध निर्माण, अफसर सोते रहे

-51 अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण आदेश दे चुका है एएसआइ

यह है सजा का प्रावधान

संरक्षित इमारत के प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध निर्माण करने पर दो वर्ष की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।

होगी संबंधित अधिकारियों से बात

फतेहपुर सीकरी संरक्षित स्मारक के निषिद्ध और विनियमित क्षेत्र में अवैध निर्माण हैं। इनको ध्वस्त करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की जा रही है।

अमित पाठक, एसएसपी 

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Posted By: Tanu Gupta

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