जागरण टीम, आगरा। चंबल नदी के उफान में गुरुवार को गिरावट आई। बाह क्षेत्र में शाम को नदी में दो मीटर की गिरावट दर्ज की गई। इससे बाढ़ की आशंका से डरे लोगों को राहत मिली है।

जलस्तर में 10 मीटर की बढ़ोत्तरी के साथ बीते बुधवार को चंबल नदी 122 मीटर तक पहुंच गई थी। इससे नदी से सटे गांवों के लोगों को बाढ़ का खतरा सता रहा था। उन्होंने अपने सामान को समेटना शुरू कर दिया था। गुरुवार सुबह से ही नदी का जलस्तर कम होना शुरू हुआ। शाम तक यही सिलसिला चलता रहा। वर्तमान में नदी 120 मीटर पर बह रही है। एसडीएम बाह अब्दुल बासित ने बताया कि राजस्थान और मध्यप्रदेश में भारी बारिश के बाद मध्यप्रदेश में बहने वाली पार्वती नदी का पानी चंबल नदी में पहुंच गया था। इसके चलते यहां जलस्तर बढ़ गया। तेज बहाव के साथ नदी का पानी आगे निकल गया। नदी के जलस्तर पर उसैत घाट के लिए स्टीमर सेवा शुरू

चंबल नदी का जलस्तर घटते ही पिनाहट घाट से उसैत घाट, मध्यप्रदेश के लिए चलने वाली स्टीमर सेवा शुरू हो गई। गुरुवार को बढ़ी संख्या में लोगों ने स्टीमर सेवा से सफर किया। बीते बुधवार को जलस्तर बढ़ने से सहमे लोगों को 100 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ा था। तैनात रहीं राजस्व टीमें

गुरुवार को नदी का जलस्तर कम हो गया लेकिन तटवर्ती आठ गांवों में राजस्व टीमें दिनभर तैनात रहीं। टीम में शामिल कर्मचारी विभिन्न प्वाइंट्स पर जलस्तर का आकलन करते रहे। पांच फीट बढ़ी यमुना, बटेश्वर में चार सीढि़यां डूबीं

जागरण टीम, आगरा। चंबल नदी के साथ ही अब यमुना नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। बटेश्वर क्षेत्र में ही नदी का पानी पांच फीट बढ़ गया है। हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज व बारिश का पानी के आ जाने से नदी के जलस्तर में एकाएक बढ़ोत्तरी हुई है। गुरुवार को बटेश्वर स्थित ब्रह्मालालजी महादेव मंदिर की चार सीढि़यां नदी के पानी में डूब गई। हालात का जायजा लेने के लिए एसडीएम अब्दुल बासित भी पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को तटवर्ती गांवों पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। एसडीएम ने कहा कि यमुना में मामूली बढ़ोत्तरी हुई है। अधिकारियों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।

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