आगरा(जेएनएन): अपने विवादित बोल के लिए पहचाने जाने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक बार फिर कुछ ऐसा बोल गए, जिससे सवर्णो में आक्रोश बढ़ सकता है।

बुधवार को वृंदावन पहुंचे कांग्रेस नेता ने कहा कि सवर्णो की मौजूदगी में ही बनाया गया था एससी एसटी एक्ट। संविधान में कानून बनाने का अधिकार सदन को है। जिस वक्त एससी एसटी एक्ट बन रहा था उस वक्त सदन में सवर्ण नेता भी मौजूद थे। तब एक भी सवर्ण नेता ने एक्ट पर अपनी राय नहीं रखी। इसकी खिलाफत करने वाला एक सवर्ण नेता नहीं था। फिर अब क्यों हल्ला हो रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बुधवार को द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए वृंदावन पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि एससी एसटी एक्ट सदन में जब बन रहा था तो सवर्ण नेताओं को इसे लेकर अपनी राय रखनी चाहिए थी। उस वक्त वे कुछ नहीं बोले और आज जब कानून बन गया है तो विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

पेट्रोलियम पदार्थो की मूल्य वृद्धि पर उन्होंने कहा कि रुपये और पेट्रो पदार्थो में शतक बनाने की होड़ लगी हुई है। रुपया लगातार गिर रहा है तो पेट्रोल के दाम बढ़ते जा रहे हैं। सरकार जनता के हित की बात करती है सिर्फ लेकिन जनता के हित में काम कोई नहीं हो रहे। दस सितंबर को पेट्रोलियम पदार्थो की मूल्य वृद्धि के विरोध में कांग्रेस के भारत बंद का सहयोग देने वाली राजनीतिक पार्टियों पर उन्होंने कहा कि जिन्हें चिंता थी, वे साथ आए। समाजवादी पार्टी और रालोद का साथ जनता के हित में रहा। वहीं बसपा ने भारत बंद में साथ नहीं दिया।

Posted By: Jagran