आगरा, जागरण संवाददाता। दुबई में चल रहे टी-20 विश्वकप क्रिकेट मैच में भारत पर पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के आरोपित कश्मीरी छात्रों को पुलिस ने गुरुवार को अदालत में प्रस्तुत किया। विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा यादव ने तीनों छात्रों को 11 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश किए। छात्रों की ओर से कोई अधिवक्ता प्रस्तुत नहीं हुआ, ना ही उनके स्वजन यहां पहुंचे। पुलिस कश्मीरी छात्रों को जब पुलिस दीवानी कचहरी परिसर से ले जाने लगी तो हिंदूवादी संगठनों के साथ उनकी धक्का-मुक्की भी हो गई।

पाकिस्तान मुर्दाबाद और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। बताते हैं इस पर कश्मीरी छात्रों ने भी पाकिस्तान मुर्दाबाद और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं को वहां जुटता देख पुलिस कश्मीरी छात्रों को सुरक्षा घेरे में लेकर जीप में बैठाने लगी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कश्मीरी छात्रों के साथ हाथापाई का प्रयास किया। जिसे लेकर पुलिसकर्मियों के साथ उनकी धक्का-मुक्की भी हुई।

दुबई में चल रहे टी-20 विश्वकप मैच में 24 अक्टूबर को भारत-पाक के बीच क्रिकेट मैच हुआ था। आरोप है कि पाकिस्तान की जीत पर आरबीएस बिचपुरी इंजीनियरिंग के छात्रों अरशद युसूफ, इनायत अलताफ शेख और शौकत अहमद गनी ने जश्न मनाया।देश विरोधी नारे लगाए। मामला संज्ञान में आने पर कालेज प्रबंधन ने सोमवार को तीनों को निलंबित कर दिया। मंगलवार को उनका वाट्सएप स्टेटस और चैटिंग इंटरनेट मीडिया में वायरल हो गई। भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी गौरव राजावत समेत अन्य पदाधिकारियों ने कैंपस पर प्रदर्शन किया। गौरव राजावत की तहरीर पर जगदीशपुरा थाने में कश्मीरी छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस ने आरोपित कश्मीरी छात्रों अरशद युसूफ और शौकत अहमद गनी निवासी थाना चाडोरा जिला बड़गांव और इनायत अलताफ शेख निवासी थाना हाजिन जिला बांदीपोरा को बुधवार को गिरफ्तार किया था। गुरुवार को तीसरे पहर करीब तीन बजे विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। अदालत ने छात्रों को 11 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश किए। अभियोजन की ओर से अधिवक्ता एसपी भारद्वाज व जगदीश कुमार पेश हुए। जबकि कश्मीरी छात्रों की ओर से उनके स्वजन व अधिवक्ता कोई प्रस्तुत नहीं हुआ।

पुलिस ने विवेचना में बढ़ाई देशद्रोह की धारा

कश्मीरी छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में पुलिस ने विवेचना में देशद्रोह की धारा 124ए बढ़ाई है। अारोपितों के खिलाफ 66 एफ आइटी एक्ट (साइबर आतंकवाद), 153ए (जानबूझकर दुर्भावनापूर्ण इरादा जो धार्मिक, भाषायी, जातीय व क्षेत्रीय समुदाय के सद्भभाव के खिलाफ है) एवं और धारा 505(1)बी (फर्जी खबर फैलाना जिसकी वजह से कोई व्यक्ति समाज या राज्य के खिलाफ अपराध करने को प्रेरित हो जाए) करने की धारा में मुकदमा दर्ज हुआ था।

कश्मीरी छात्रों ने लगाए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे, जीप में बैठाने के दौरान धक्का-मुक्की

पुलिस कश्मीरी छात्रों को तीसरे पहर करीब तीन बजे दीवानी परिसर लेकर पहुंची। न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश के बाद पुलिस कश्मीरी छात्रों को जेल ले जाने के लिए जीप में बैठा रही थी। वहां विश्व हिंदू परिषद, भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। कश्मीरी छात्रों को देख कार्यकर्ताओं पाकिस्तान मुर्दाबाद और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। बताते हैं इस पर कश्मीरी छात्रों ने भी पाकिस्तान मुर्दाबाद और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं को वहां जुटता देख पुलिस कश्मीरी छात्रों को सुरक्षा घेरे में लेकर जीप में बैठाने लगी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कश्मीरी छात्रों के साथ हाथापाई का प्रयास किया। जिसे लेकर पुलिसकर्मियों के साथ उनकी धक्का-मुक्की भी हुई।

Edited By: Nirlosh Kumar