आगरा में खपाई गईं रुड़की में बनीं ढाई करोड़ की नकली दर्द निवारक दवाइयां, 18 दिन की छापेमारी के बाद खुलासा
औषधि विभाग ने आगरा, अलीगढ़ और रुड़की में नकली दर्द निवारक दवा (ऑक्साल्जिन-डीपी) बनाने और बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
नकली दर्द निवारक दवा ऑक्साल्जिन-डीपी गिरोह का पर्दाफाश।
आगरा से ढाई करोड़ की नकली दवा बिक्री, 50 लाख जब्त।
रुड़की की फैक्ट्री में बनती थी नकली दवाएं, सामग्री जब्त।
जागरण संवाददाता, आगरा। औषधि विभाग की टीम ने आगरा, अलीगढ़ और रुड़की में 18 दिन तक छापेमारी के बाद जाइडस लाइसाइंसेज की नकली दर्द निवारक दवा (आक्साल्जिन-डीपी ) बनाकर बिक्री करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।
आगरा से एक वर्ष में ढ़ाई करोड़ की नकली दर्द की बिक्री की गई, टीम ने 50 लाख की दवाएं जब्त की हैं। टीम द्वारा रुड़की स्थित फैक्ट्री से टैबलेट तैयार करने की सामग्री जब्त की गई है।
18 दिन जांच के बाद आगरा, रुड़की और अलीगढ़ के दवा कारोबारियों पर दर्ज किया मुकदमा
सहायक औषधि आयुक्त अतुल उपाध्याय ने बताया कि जाइडस लाइसाइंसेज द्वारा श्री मेडिकल एजेंसी कम्मूटोला फव्वारा आगरा द्वारा नकली आक्साल्जिन-डीपी दवा की बिक्री की सूचना देने पर छह मई को छापा मारा गया। जांच में जितनी टैबलेट खरीद के बिल दिखाए गए उसे ज्यादा दवा की बिक्री के बिल मिलने पर दुकान और गोदाम सील कर दी गई।
रुड़की में तैयार कराई गईं दवा, 50 लाख की दवाएं जब्त
फर्म संचालक सुरेंद्र गुप्ता ने पूछताछ में बताया कि वह निरंजन पुरी रामघाट रोड अलीगढ़ के रहने वाले मयंक गुप्ता के संपर्क में आया, उसने मोटा मुनाफा कराने का लालच दिया। इसके बाद मुंबई से बिल से 13610 टैबलेट खरीद थी, टैबलेट के बैच नंबर सहित अन्य ब्योरा मयंक गुप्ता को दिया, उसने रुड़की की लेरोई फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अन्नू अरोड़ा और उनके भाई संयम अरोड़ा के माध्यम से उसी बैच नंबर की नकली टैबलेट तैयार करा कर बस के माध्यम से आगरा भेजी गई।
पांच के नोट के नंबर से भुगतान किया जाना था
हवाला से भुगतान किया गया, इसके लिए पांच के नोट के नंबर और जिस व्यक्ति को भुगतान किया जाना था उसकी वाट्सएप चैट भी मिली। एक अप्रैल से अभी तक 178965 (ऑक्साल्जिन-डीपी ) कीमत करीब 2.60 करोड़ रुपये की दवाएं बाजार में मेडिकल स्टोर संचालकों के माध्यम से बिक्री की गई। मयंक गुप्ता ने पहले गुमराह किया, बयान में कहा कि सुरेंद्र गुप्ता को उसने ब्याज पर पैसे दिए हैं।
टीम ने मारा था 14 मई को छापा मारा था
गूगल लाकेशन की हिस्ट्री चेक करने पर मयूर गुप्ता का रुड़की स्थित फैक्ट्री में जाने के सुबूत मिल गए। 14 मई को रुड़की में छापा मारा गया, लेरोई फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड की छत से ऑक्साल्जिन-डीपी के रेपर मिले, जिन पर डाट बना हुआ था जो कंपनी द्वारा तैयार की जाने वाली टैबलेट में नहीं होता है।
टीम ने रविवार को आगरा में सील किए गए बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे गोदाम को खोला, 50 लाख की दवाएं जब्त की हैं, 10 दवाओं के नमूने लिए हैं। सुरेंद्र गुप्ता, अलीगढ़ के मयंक गुप्ता, रुड़की के अन्नू अरोड़ा और संयम अरेाड़ा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
