आगरा, जागरण संवाददाता। सादाबाद नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी के खिलाफ विभागीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप जांच में सही पाए जाने पर उनके खिलाफ विजिलेंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमे की विचेचना के बाद साक्ष्यों के साथ विजिलेंस कोर्ट मेरठ में चार्जशीट प्रस्तुत की जाएगी। विजिलेंस में भ्रष्टाचार की शिकायतों का ग्राफ हर साल बढ़ा है।

विजिलेंस ने चार साल के दौरान आगरा जोन के आठ जिलों के विभिन्न विभागों के खिलाफ मिली भ्रष्टाचार की 140 शिकायतों की खुली व गोपनीय जांच कीं। जिनकी रिपोर्ट उसने शासन को भेजी है। जिसमें करीब 200 लोग रडार पर हैं, जिनके खिलाफ शासन स्तर से हरी झंडी मिलने के बाद कार्रवाई हो सकती है।

विजिलेंस द्वारा भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा जांच वर्ष 2020-21 में करके उनकी रिपोर्ट शासन को भेजी। इसमें सबसे ज्यादा मामले में आय से अधिक संपत्ति के हैं। जबकि दूसरे नंबरपर विभागीय अनियमितताओं के हैं। जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियो ने नियमों काे ताक पर रखकर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाया। सादाबाद नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी ने भी यही किया था। दोनों ने जिला पंचायत के अनुमोदन से ज्यादा कार्य कराए। इसके बाद नियमों की अनदेखी करके इसका भुगतान भी करा दिया।

इन विभागों में भ्रष्टाचार की शिकायतों की हुई हैं जांच

बेसिक शिक्षा विभाग, विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग, जल निगम, नगर निगम, वन विभाग, डाक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा एवं स्वास्थ्य विभाग।

हर साल बढ़ा जांचों का ग्राफ

वर्ष        भ्रष्टाचार की जांच

2020-21      39

2019-20      32

2018-19      36

2017-18      33 

Edited By: Prateek Gupta