आखिरी सांस तक जेल में रहेगा रेप का दोषी ओमवीर: फैसला सुनाते आगरा की पॉक्सो जज ने लिखा, 'अपराध अक्षम्य'
Agra News: आगरा में 12 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के दोषी ओमवीर सिंह को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने आजीवन ...और पढ़ें

Agra News: सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
दोषी ओमवीर सिंह को आजीवन कारावास की सजा मिली
आगरा में 12 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म का मामला
न्यायालय ने बालिकाओं की सुरक्षा पर गंभीर टिप्पणी की
जागरण संवाददाता, आगरा। Agra News: घर में सोती 12 वर्ष की बालिका को उठाकर दुष्कर्म करने वाले को अपनी अंतिम सांस तक जेल रहना होगा। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट सोनिका चौधरी ने दुष्कर्म, पाक्सो एक्ट एवं दलित उत्पीड़न के मामले में दोषी ओमवीर सिंह निवासी खेरागढ़ को संपूर्ण काल के आजीवन कारावास ाकी सजा से दंडित किया है।
खेरागढ़ थाना क्षेत्र में 17 अप्रैल 2025 को 12 वर्ष की बालिका तीन भाई-बहनों के साथ घर पर अकेली थी। पिता काम से जगनेर गए हुए थे। रात एक बजे ओमवीर बालिका को सोते से उठा ले गया।
दरिंदगी के चलते दस दिन अस्पताल में भर्ती रही थी पीड़िता
व से बाहर एक वाटिका में ले जाकर दुष्कर्म किया। दरिंदगी की शिकार हुई बालिका दस दिन तक अस्पताल में भर्ती रही थी। पीड़िता के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने शादीशुदा ओमवीर को 21 अप्रैल 2025 को जेल भेजा था।
खेरागढ़ में 12 वर्ष की बालिका को घर में सोते से उठा ले गया था
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुभाष गिरि एवं विशेष लोक अभियोजक विजय किशन लवानियां ने मुकदमे में पीड़िता, डा. शिखा सिंह, डा. रुचि रानी गुप्ता, एसीपी गौरव सिंह, इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह समेत 12 गवाहों को न्यायालय में पेश किया। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट सोनिका चौधरी ने गवाहों के बयान पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट के साक्ष्यों के आधार पर ओमवीर को दोषी पाते हुए ताउम्र कैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही 50 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया।
आदेश में लिखा अपराध अक्षम्य है
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी ने अपने निर्णय में सख्त टिप्पणी की। अपने आदेश में कहा कि भारतीय समाज में बालिकाओं को देवी का दर्जा दिया गया है, लेकिन उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने जैसे साधारण अधिकार भी हमारा समाज प्रदान करने में असमर्थ रहा है। बालिकाएं बाहर तो असुरक्षित हैं ही, घर,मोहल्ले, शहर, गांव आदि स्थानों पर भी सुरक्षित नहीं हैं। दुष्कर्म जैसे अपराध बालिका एवं नारी को सिर्फ शारीरिक आघात ही नही पहुंचाते अपितु संपूर्ण जीवन के लिऐ मानसिक आघात भी दे जाते हैं।
उक्त मामले में आरोपित द्वारा घर जैसे सुरक्षित वातावरण में बेखौफ सो रही बालिका को उठा कर वाटिका में ले जा उसके साथ हद दर्जे की हेवानियत करने का अपराध अक्षम्य है।
यह भी पढ़ें- आगरा में FSDA की बड़ी कार्रवाई: गंदगी और बोरेक्स पाउडर के इस्तेमाल पर तीन मिठाई की दुकानों के लाइसेंस निलंबित
यह भी पढ़ें- आगरा एमएलसी स्नातक चुनाव: भाजपा के मानवेंद्र प्रताप सिंह ने दर्ज की दूसरी जीत
