आगरा, जागरण संवाददाता। ट्रेन में यात्रा करते समय कोई परेशानी होने पर पहले एसी या स्लीपर कोच से ही ट्विटर पर शिकायतें आती थीं। इन शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई को देखते हुए अब जनरल डिब्बों से भी यात्री शिकायत दर्ज कराने लगे हैं।

ट्रेन में यात्र के दौरान कभी बीमारी या फिर गंदगी आदि को लेकर आए दिन कोई न कोई यात्री कंट्रोल रूम पर फोन कर या ट्वीट के जरिए शिकायत दर्ज कराता है। इसमें सबसे ज्यादा शिकायत स्लीपर कोच से आती है। इसके बाद एसी कोच के यात्रियों की शिकायतें हैं। शिकायत मिलने के बाद ही जीआरपी और आरपीएफ तुरंत सक्रिय हो जाती है। ऐसे मामलों में समस्या का त्वरित गति से समाधान होने के बाद अब जनरल कोच के यात्रियों में भी जागरूकता आई है। उन्होंने भी अपनी शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम और ट्विटर का सहारा लेना शुरू कर दिया है। जीआरपी कंट्रोल रूम में एक दिन में औसतन 10 शिकायतें आती हैं, इसमें से दो से तीन शिकायतें जनरल डिब्बों की है। ज्यादातर यह शिकायत सीट को लेकर विवाद की होती हैं। इसके अलावा टायलेट में गंदगी, पंखा न चलने की भी शिकायतें आती हैं। इनका भी समाधान त्वरित गति से हो रहा है।

इंटरसिटी ट्रेनों से ज्यादा शिकायतें

अलग-अलग स्थान के लिए चलने वाली इंटरसिटी ट्रेनों के जनरल डिब्बों से शिकायत की संख्या ज्यादा है। आगरा-दिल्ली इंटरसिटी टेन से पिछले दिनों मथुरा और पलवल के बीच में एमएसटी धारक यात्रियों द्वारा अभद्रता की शिकायतें आई थीं। इन्हें रोकने के लिए जीआरपी ने अभियान भी चलाया था।

 

Posted By: Prateek Gupta

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