आगरा, जागरण संवाददाता।

मुख्य परीक्षा में नकल को लेकर फजीहत होने के बाद डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन अब सक्रिय हुआ है। नकल कराने के दोषी पाए गए तीन परीक्षा केंद्रों को डिबार करने का फैसला लिया है। इनमें एटा, आगरा व मथुरा के एक-एक परीक्षा केंद्र हैं। तीनों के परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्र बदले जाएंगे। दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

गुरुवार को आनलाइन प्रेसवार्ता में कुलपति प्रो. आलोक राय ने कहा कि बमरौली कटारा(आगरा) के कृष्णा कालेज, मथुरा के बोहरे नारायण सिंह आर्य महाविद्यालय और एटा के ममता डिग्री कालेज में बुधवार को सचल दलों ने नकल पकड़ी थी। दो केंद्रों ने सचल दलों की गाड़ियों पर नोटों की गड्डियां और लिफाफे भी फेंके। इन तीनों परीक्षा केंद्रों का मामला यूएफएम कमेटी के सामने रखा जाएगा। इन्हें डिबार किया जाएगा। इन केंद्रों पर परीक्षार्थियों को केवल एक और परीक्षा देनी है। इसी दौरान विश्वविद्यालय के सचल दलों द्वारा उन्हें दूसरे परीक्षा केंद्रों की जानकारी दे दी जाएगी। जिन परीक्षा केंद्रों से अव्यवस्थाओं की जानकारी मिल रही है, उनकी सूची बनाई जा रही है। परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव ने कहा कि परीक्षाओं के अनुशासन को खराब करने वाले किसी भी परीक्षा केंद्र को बख्शा नहीं जाएगा। पिछले वर्ष 218 परीक्षार्थी,इस वर्ष 2170

प्रेसवार्ता में जानकारी दी गई कि इस साल बनाए गए परीक्षा केंद्र पिछले साल की सूची में से ही लिए गए हैं क्योंकि परीक्षा केंद्र निर्धारण के लिए केवल 12 दिन ही थे। कुलपति और परीक्षा नियंत्रक को जानकारी दी गई कि बोहरे नारायण सिंह आर्य महाविद्यालय में पिछले साल केवल 218 परीक्षार्थी थे, जो इस साल बढ़ाकर 2170 कर दिए गए। इस पर अधिकारियों ने जवाब दिया कि ऐसे सभी परीक्षा केंद्रों की सूची बनाई जा रही है, जहां अव्यवस्थाएं पाई जा रही हैं। उनके खिलाफ भी कदम उठाया जाएगा। यह रहे उपस्थित

कुलसचिव संजीव सिंह, मुख्य प्रानुशासक प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव, प्रो. वीके सारस्वत। जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर ने आभार व्यक्त किया।

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