आगरा, जागरण संवाददाता। ताज के चमेली फर्श के खराब लाल बलुई और सफेद संगमरमर के डिजाइनदार पत्थरों को बदला जाएगा। इसमें ढाई से तीन माह का समय लगेगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) ने इसका टेंडर कर दिया है। नवंबर के अंत या दिसंबर की शुरुआत में संरक्षण का काम शुरू होने की उम्मीद है।

दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल के निर्माण को तीन शताब्दियों से अधिक समय बीत चुका है। इसका असर स्मारक पर भी नजर आता है। मुख्य मकबरे से नीचे चमेली फर्श के डिजाइनदार लाल बलुई और सफेद संगमरमर वाले पत्थरों में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। बारिश होने पर इनमें पानी भर जाता है। पर्यटकों को भी इनसे दिक्कत होती है। एएसआइ चमेली फर्श के मेहमानखाना से लेकर शाही मस्जिद तक मुख्य मकबरे के चारों तरफ अधिक खराब हो चुके पत्थरों को बदलेगा। इस पर करीब 20 लाख रुपये खर्च होगा। निर्माण सामग्री पर करीब सात लाख रुपये व्यय होंगे। निर्माण सामग्री की खरीद को एएसआइ ने टेंडर कर दिया है।

अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि चमेली फर्श के संरक्षण का टेंडर किया गया है। शीघ्र ही यहां संरक्षण कार्य की शुरुआत की जाएगी।

अब चमेली फर्श पर अधिक दबाव

ताज पर दिसंबर 2018 तक मुख्य मकबरे पर जाने का 200 रुपये का अतिरिक्त टिकट लागू नहीं था। तब सभी पर्यटक ऊपर तक जाते थे। अब 200 रुपये का टिकट नहीं लेने वाले पर्यटक चमेली फर्श तक सीमित रहते हैं। इससे यहां अब अधिक दबाव रहता है।

 

Posted By: Tanu Gupta

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