आगरा, जेएनएन। फीरोजाबाद के एसआरके डिग्री कॉलेज के शताब्‍दी समारोह में पहुंचे मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने कहा कि 100 साल की यात्रा छोटी नहीं होती। इस कॉलेज की सफलता की कहानी होगी। भारत हमेशा से विश्व गुरु रहा है।

तक्षशिला और नालंदा विवि में पूरे विश्व के लोग ज्ञान लेने आते थे। गुलामी के थपेड़ों ने परेशान किया। अब हम एक बार फिर विश्व गुरु बनने पर चल पड़े हैं। उन्‍होंने कहा कि आयुर्वेद का जनक चरक ऋषि और सर्जरी के जनक सुशुतर भी यहीं पैदा हुए। योग भी हमारे यहां का है। गणित विज्ञान में भी भारत का स्थान श्रेष्ठ रहा है। दुनिया के लिए जहां विश्व व्यापार है वहीं हमारे लिए विश्व परिवार है। परिवार में खुशी और गम मिलकर बांटते हैं। दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के शिखर पर बैठे लोग हमारे यहां के हैं और यहीँ से शिक्षा ली। कल्याण सिंह से मुख्यमंत्री और राजनाथ सिंह के शिक्षा मंत्री कार्यकाल की परीक्षा सबको याद रहती है।

आज यूपी में युवा पीढ़ी के भविष्य को उसी तरह संवारा जा रहा है। शिक्षा भविष्य के रीढ़ की हड्डी है। इसके बिना भविष्य नहीं बन सकता। भारत सरकार नई शिक्षा नीति ला रही है। भारत केंद्रित होगी। नवाचार और शोधयुक्त रोजगार परक होगी। स्वच्छ समृद्ध स्वस्थ भारत में नई शिक्षा नीति परिणाम देने वाली होगी। जिस दिन अमेरिका के भारत के शिक्षक और युवा वापस भारत आ जाएंगे तो अमेरिका को कोई नहीं पहचानेगा। नई शिक्षा नीति के बाद आईएएस बनना आसान होगा, लेकिन शिक्षक बनना आसान नहीं होगा। शिक्षक पावर हाउस है। हम ऐसे शिक्षकों को पूरा सम्मान देंगे।

केंदी्रय मंत्री ने आगे कहा कि आईआईटी में हर साल पूर्व छात्रों का सम्मेलन शुरू किया है। ऐसे हो यहां पर कार्यक्रम हों तो संस्थान तेजी से काम करेगा। उत्तर प्रदेश ठीक हो गया तो पूरा देश ठीक हो गया। शिक्षा के लिए प्रदेश सरकार काम कर रही है और भारत सरकार पीछे खड़ी है। पूरी दुनिया में भारत यंग इंडिया है। विवि ही हमारी गरिमा है। अंतिम छोर तक शिक्षा का प्रसार हो इसके लिए अभियान चलाए गए। विवि में शिक्षा का स्तर सुधरे।

परीक्षाओं में इमला बोलने की परंपरा हुई खत्‍म: उपमुख्‍यमंत्री

समारोह में उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा समय के साथ भारत वर्ष और उत्तर प्रदेश बदल रहा है। देश में नई शिक्षा व्यवस्था बन रही है। प्रदेश में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा कर लिए सरकार काम कर रही है। उत्तर प्रदेश में परीक्षा में इमला बोली जाती थी। मेधावी छात्रों की कॉपियों के कवर बदल दिए जाते थे। एक विषय की किताब के हर जिले में अलग लेखक हुआ करते थे और मनमाने पैसे में बिकते थे।

हमने एनसीआरटी की पुस्तको को लागू किया। नकल विहीन परीक्षा हो रही है। परीक्षा केंद्र व्यवसाय था, जिसे खत्म कर ऑन लाइन किया है। पूरे प्रदेश में 1.90 हजार सीसीटीवी कैमरे लगे हैं जो विश्व रिकॉर्ड है। एक साल में सात महीने पढ़ाई नहीं होती थी। हमने इसे बंद किया। 12 दिन में हाइस्कूल और 15 दिन में इंटर की परीक्षा पूरी हो रही है। एक साल पहले कैलेंडर जारी किया जाता है। उन्‍होंने कहा कि उच्च शिक्षा में भी काम हो रहा है। शोध कार्यों पर जोर दिया जा रहा है। मैं भरोसा दिलाता हूंं कि एसआरके कॉलेज को जो भी सरकार से जरूरत होगी वो दूंगा।

जूनियर हाईस्‍कूल से बना महाविद्यालय

प्राचार्य ने शिक्षण संस्थान को इतिहास के बारे में उन्हें बताया कि स्व. सेठ कन्हैयालाल गोयन्का ने 1919 में यहां कोई अच्छा स्कूल न होने के कारण एक जूनियर हाईस्कूल का निर्माण कराया। जो अब महाविद्यालय बन गया है।  

Posted By: Tanu Gupta

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