यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आगरा में जीएसटी का विरोध, पुलिस से भिड़े व्यापारी, छह हिरासत में
जीएसटी लागू होने से पहले से ही शहर के कपड़ा व्यापारी इसका विरोध कर रहे हैं, शनिवार को सुबह 8.30 बजे शहर के व्यापारी संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया।

आगरा (जागरण संवाददाता)। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने की पहली सुबह से शहर में व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया। शनिवार को सुबह नौ बजे व्यापारियों ने पुराने बाजार में जीएसटी की अर्थी फूंक दी। यहां से पुलिस ने छह व्यापारी नेताओं को हिरासत में ले लिया। वहीं डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा की गाड़ी के पास संजय प्लेस में व्यापारियों ने जीएसटी के विरोध में नारेबाजी की। काली पट्टी बांधकर पहुंचे व्यापारी पुलिस की सख्ती के चलते डिप्टी सीएम के पास तक नहीं पहुंच सके।
जीएसटी लागू होने से पहले से ही शहर के कपड़ा व्यापारी इसका विरोध कर रहे हैं। शनिवार को सुबह 8.30 बजे शहर के व्यापारी संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया। बेलनगंज में सभी व्यापारी एकत्रित हुए। इसके बाद वहां दो अर्थी बनाई गईं। एक अर्थी जीएसटी की थी तो दूसरी पर वित्त मंत्री की तस्वीर लगाई गई थी।
व्यापारी वहां से ताजगंज शमशान के लिए दोनों अर्थी लेकर निकल लिए। करीब 200 से अधिक व्यापारी जीएसटी के विरोध में नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन व्यापारी नहीं रुके। दरेसी में अचल भवन के सामने पुलिस ने रस्सी लगाकर व्यापारियों को रोक लिया। यहां पुलिस की उनसे तकरार भी हुई।
आगे बढ़ने की स्थिति न देखते हुए व्यापारियों ने अचल भवन के सामने ही अर्थियां फूंक दीं। पुलिस ने मौके से व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल, गोविंद अग्रवाल, रमनलाल गोयल, कन्हैयालाल राठौर और चुन्नी लाल गुप्ता को हिरासत में ले लिया। व्यापारियों की भीड़ को देखते हुए पुलिस उन्हें एत्माद्दौला थाने ले गई। शाम तक हिरासत में रखने के बाद पुलिस ने उन्हें छत्ता थाने ले जाकर छोड़ दिया।
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उधर, डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के सामने विरोध को व्यापारी काली पट्टी बांधकर संजय प्लेस स्थित विकास भवन में पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया। शांति से अपनी बात रखने का आश्वासन देकर पुलिस ने उन्हें विकास भवन के सामने खड़ा कर दिया। दोपहर 2.30 बजे डिप्टी सीएम का काफिला संजय प्लेस में पहुंचा तो व्यापारी नारेबाजी करने लगे। उन्होंने जीएसटी के विरोध में नारेबाजी की।
