आगरा, जागरण संवाददाता। भाजपा नेता राजेश अग्रवाल की शुक्रवार दोपहर करीब साढ़़े बारह बजे संदिग्‍ध हालत में मौत हो गई। भाजपा नेता पिछले चार वर्षों से किडनी में कैंसर से पीडि़त थे। उनका मुंबई में इलाज चल रहा था। कुछ समय पहले वे मुंबई से इलाज करवाकर लौटे थे। इस बार डॉक्‍टर्स ने उन्‍हें जवाब दे दिया था। डॉक्‍टर्स ने ऑपरेशन तक की मना कर दी थी। बीमारी के कारण उनका काफी वजन भी कम हो गया था और शरीर में कमजोरी बहुत थी। पहली नजर में उनकी मौत को संदिग्‍ध माना जा रहा है। घरवाले कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। यहां तक कि पुलिस को भी सूचित नहीं किया गया है। पड़ोसियों के अनुसार राजेश अग्रवाल दोपहर को अपने ऑफिस गए थे। ऑफिस से कुछ ही देर में वो वापस आ गए और उनके वापस आने के कुछ समय बाद ही घर में चीख पुकार मच गई थी। मौके पर पहुंचे पड़ोसियों की मदद से उन्‍हें परिजन एसएन मेडिकल कॉलेज ले गए जहां डॉक्‍टर्स ने उन्‍हें मृत घोषित कर दिया।

जीवट व्‍यक्तित्‍व वाले राजेश अग्रवाल बीमारी से हारना नहीं चाहते थे। डॉक्‍टर्स के जवाब के कारण वो थोड़े परेशान चल रहे थे।

लंबे समय से भाजपा में अच्‍छी छवि वाले नेता के रूप में राजेश अग्रवाल की पहचान बनी हुई थी। बिल्डिर राजेश अग्रवाल ने 2017 में बसपा की सदस्‍यता ग्रहण कर सबको चौंका दिया था। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में वे विधायक का चुनाव बसपा की टिकट से लड़े भी थे। चुनाव में शिकस्‍त मिलने के बाद उन्‍होंने फिर से घर वापसी कर भाजपा की सदस्‍यता ग्रहण कर ली थी। वर्तमान में वे भाजपा ब्रज क्षेत्र के कोषाध्‍यक्ष पद पर थे।

करीब 58 वर्षीय भाजपा नेता की अकस्‍मात मौत से हर कोई हैरान है। जो सुन रहा है वो इसे शहर में भाजपा के लिए बड़ी क्षति बता रहा है। फिलहाल शव उनके लोहामंडी जगन्‍नाथ पुरम स्थित आवास पर रखा हुआ है। परिजन घर के बाहर हाथ जोड़कर खड़े हैं और किसी को अंदर नहीं जाने दे रहे।