विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आगरा में नकली दवाओं का बड़ा खुलासा: बिल जारी कर कूरियर से भेजी जा रहीं थीं दवाएं, सिडिंकेट सरगना हिमांशु अग्रवाल के गोदामों की जांच

Published: Sat, 03 Oct 2026 09:23 AM (IST)

नकली दवाओं के कारोबार में करोड़ों के बिल जारी कर कूरियर से लखनऊ, दिल्ली और राजस्थान में दवाएं भेजी गईं। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. करोड़ों की नकली दवाओं के बिल जारी कर बेची गईं।

  2. कूरियर से लखनऊ, दिल्ली, राजस्थान भेजी जा रहीं थीं दवाएं।

  3. नकली दवा सिंडिकेट के सरगना हिमांशु अग्रवाल से पूछताछ जारी।

जागरण संवाददाता, आगरा। करोड़ों की नकली दवाओं की बिल से कारोबारियों को बिक्री की गई। कूरियर से लखनऊ, दिल्ली के साथ ही राजस्थान में नकली दवाएं भेजी गईं। औषधि विभाग की टीम नकली दवा सिंडिकेट के सरगना हिमांशु अग्रवाल से दवाओं की खरीद करने वालों का भी ब्योरा जुटा रही है। साथ ही ट्रांसपोर्ट कंपनी और अवैध गोदामों को भी चिन्हित किया जा रहा है।
औषधि विभाग की टीम ने मंगलवार को धनौली, मलपुरा के रहने वाले इकरार के बाड़े में कबाड़ के अंदर बड़ी मात्रा में कार्टन में रखीं छह मल्टी नेशनल कंपनियों की पांच करोड़ की दवाएं जब्त की थीं। इकरार के साथ ही शामिन और मुकीम को गिरफ्तार किया गया था।

ये दवाएं पिछले वर्ष अगस्त में फव्वारा दवा बाजार में छापेमारी के दौरान एक करोड़ की रिश्वत देने के आरोप में पकड़े गए हिमांशु अग्रवाल के टेढ़ी बगिया स्थित गोदाम से बेची जा रहीं थी।

हिमांशु अग्रवाल ने करोड़ों की नकली दवाएं लखनऊ, दिल्ली और राजस्थान भेजीं

टीम की छापेमारी की भनक लगने के कारण दो दिन पहले ही गोदाम खाली कर दिया गया था। टीम को जांच में यमुना किनारे दवाएं जलाने का वीडियो मिला था। औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि छापे में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए इकरार, शामिन और मुकीम से पूछताछ में सामने आया है कि नकली दवाएं ट्रांसपोर्टर आशीष जैन के माध्यम से हिमांशु अग्रवाल से खरीदी थीं, दवाएं कूरियर से लखनऊ, दिल्ली और राजस्थान भेजी जा रहीं थी। इसकी भी जांच की जा रही है।

औषिध विभाग की टीम जांच में जुटी, अवैध गोदामों किए जा रहे चिन्हित

वहीं, पिछले वर्ष अगस्त में हिमांशु अग्रवाल की फर्म हे मां मेडिकोज, मोती कटरा और फव्वारा में छापेमारी की थी। फार्मा कंपनियों ने दवाओं के नकली होने का दावा किया था, हे मां मेडिकोज से नकली दवाओं को सही बताते हुए बिल भी जारी किए जा रहे थे, थोक बाजार में दवाओं की बिक्री दो प्रतिशत कम दर पर की जा रही थी, इसके चलते करोड़ों की दवाओं की बिक्री हो रही थी।

यह भी पढ़ें- आगरा में जेल से छूटते ही दवा माफिया हिमांशु ने बदला ठिकाना, किराए का गोदाम बनाकर बेच रहा था नकली दवाएं

यह भी पढ़ें- रद लाइसेंस और फर्जी बिल के सहारे बेची जा रहीं नकली दवाएं, अमीनाबाद के पांच कारोबारियों पर FIR

10 बॉक्स से नकली 100 बॉक्स तैयार

जांच में सामने आया था कि फार्मा कंपनियों से दवा के 10 बॉक्स मंगाए जाते थे, इन दवाओं के बैच नंबर से नकली 100 बॉक्स तैयार कर बिल से बाजार में भेजे जा रहे थे। इस मामले में अब पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं जिससे यह पता चल सके कि नकली दवाएं कहां भेजी गईं हैं।