आगरा में जेल से छूटते ही दवा माफिया हिमांशु ने बदला ठिकाना, किराए का गोदाम बनाकर बेच रहा था नकली दवाएं
दवा माफिया हिमांशु अग्रवाल जेल से छूटने के बाद आगरा में ठिकाना बदलकर नकली दवाइयों का कारोबार कर रहा था। ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
दवा माफिया हिमांशु अग्रवाल जेल से छूटकर फिर सक्रिय।
आगरा में किराए के गोदाम से बेच रहा था नकली दवाएं।
पुलिस ने तीन को पकड़ा, हिमांशु अग्रवाल अभी फरार।
जागरण संवाददाता, आगरा। नकली दवाइयों की बिक्री का खेल पकड़े जाने के बाद एसटीएफ को एक करोड़ की रिश्वत देने वाले दवा माफिया हिमांशू अग्रवाल ने जेल से छूटते ही ठिकाना बदल लिया। यमुना पार टेढ़ी बगिया में गोदाम बनाकर नकली दवाइयों की बिक्री करने लगा। मंगलवार को पकड़े गए गोदाम संचालक के जरिए माफिया के खेल का राजफाश हुआ। कार्रवाई से दो दिन पहले ही गोदाम खाली हो चुका था।
पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल हिमांशु पुलिस की गिरफ्त से दूर है। नकली दवा की बिक्री की सूचना पर मंगलवार दोपहर एक बजे टीम ने इकरार के घर पर छापा मारा। वहां कबाड़ के अंदर बड़ी मात्रा में कार्टन में मल्टी नेशनल कंपनियों की मधुमेह, दर्द निवारक सहित अन्य दवाएं मिलीं। इनकी कीमत पांच करोड़ आंकी गई थी।
सहायक औषधि आयुक्त अरिवंद गुप्ता ने बताया कि इकरार ने बताया कि उसने नकली दवाएं शामिन उर्फ छोटू और सलुआ उर्फ मुकीम से लीं थीं। टीम ने दोनों को पकड़ लिया। इनसे पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। दोनों ने बताया कि अगस्त 2025 में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और औषधि विभाग की छापेमारी से बचने के लिए एक करोड़ की रिश्वत देने के आरोप में जेल भेजे गए हे मां मेडिकोज के संचालक हिमांशु अग्रवाल से ट्रांसपोर्टर आशीष जैन के माध्यम से खरीदी थीं।
पिछले वर्ष दिसंबर में हिमांशु अग्रवाल जेल से जमानत पर छूटा था। फर्म का लाइसेंस रद होने के बाद उसने ईंट की मंडी में पिता पवन कुमार के नाम पर किराए पर अवैध गोदाम लिया। यहां से नकली दवाइयों की बिक्री करने लगा। टीम ने गोदाम पर छापा मारा तो पता चला कि गोदाम दो दिन पहले ही खाली कर दिया था।
तीनों को गिरफ्तार करने के साथ ही हिमांशु अग्रवाल, ट्रांसपोर्टर आशीष जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। दवाएं राजस्थान और उत्तर प्रदेश में कहां भेजी गईं इसकी जांच की जा रही है। बता दें कि रविवार को यमुना किनारे डीजल डालकर बड़ी मात्रा में दवाइयां जलाई गईं थी। गिरफ्तार आरोपितों के मोबाइल में दवाइयां जलाने का वीडियो मिला है। इसमें कई लोगों की आवाजें भी रिकॉर्ड हुई हैं।
