आगरा किले की खाई में पलते थे मगरमच्छ, अब पड़ी सूखी; बंगाली बुर्ज से वाटर गेट तक की दीवार को संवारने का होगा काम
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) आगरा किले की खाई की बाहरी दीवार का संरक्षण करेगा। बंगाली बुर्ज से वाटर गेट तक ...और पढ़ें

आगरा किले का प्रवेश द्वार।
जागरण संवाददाता, आगरा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) द्वारा आगरा किला की खाई की बाहरी दीवार का संरक्षण किया जाएगा। लोनी लगने की वजह से खराब हो चुके पत्थरों को बदला जाएगा। बंगाली बुर्ज से लेकर वाटर गेट तक खाई की बाहरी दीवार के संरक्षण का प्रस्ताव तैयार कर दिल्ली मुख्यालय भेजा गया है।
इससे पूर्व अमर सिंह गेट के पास से बंगाली बुर्ज तक खाई की बाहरी दीवार का संरक्षण किया गया था। आगरा किला का लाल पत्थरों से निर्माण अकबर ने 1565 से 1573 के मध्य कराया था। किले के चारों ओर खाई बनी हुई है। मुगल काल में खाई में भरे पानी में मगरमच्छ रहते थे। वर्तमान में खाई खाली रहती है।
किले में अकबरी महल के दक्षिण-पूर्वी कोने में बंगाली बुर्ज स्थित है। बंगाली बुर्ज से लेकर यमुना कनारा स्थित वाटर गेट तक खाई की बाहरी दीवार के सामने के पत्थर खराब हो चुके हैं। इनमें दाब, पानदासा आदि भी शामिल हो चुके हैं। एएसआइ ने इनके संरक्षण का प्रस्ताव तैयार किया है।
खराब हो चुके पत्थरों को हटाकर नए पत्थर लगाते हुए टीप (प्वांइंटिंग) का काम किया जाएगा। आगरा किला के वरिष्ठ संरक्षण सहायक प्रिंस वाजपेयी ने बताया कि दिल्ली मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया होेगी। इसमें आठ से नौ माह का समय लग सकता है।
ब्रिटिश काल में बंद कर दिया गया था वाटर गेट
आगरा किला में चार दरवाजे हैं। पर्यटकों को वाटर गेट से प्रवेश दिया जाता है। मुगल काल में आगरा किला में प्रवेश की व्यवस्था दिल्ली गेट से थी। शहंशाह और दरबारी इसी गेट का उपयोग करते थे। वर्तमान में यह गेट सैन्य नियंत्रण क्षेत्र में हैं। हाथी गेट और वाटर गेट को ब्रिटिश काल में बंद कर दिया गया था।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।