आगरा, जागरण संवाददाता। मुगलिया राजधानी रही फतेहपुर सीकरी स्थित सूफी शेख सलीम चिश्ती की दरगाह का संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) द्वारा किया जा रहा है। यहां पत्थर की बीम में क्रैक आ गया था, जिसे पाड़ लगाकर पूर्व में रोका गया था। अब पत्थर की नई बीम लगाई जाएगी। इसके लिए छत को खोला गया है।

मुगल शहंशाह अकबर की राजधानी रही फतेहपुर सीकरी स्थित सूफी शेख सलीम चिश्ती की दरगाह हिंदू-मुस्लिम दोनों के लिए आस्था का केंद्र है। यह एएसआइ द्वारा संरक्षित है। पिछले दो माह से यहां संरक्षण का काम किया जा रहा है। दरगाह के गुंबद, छज्जों आदि पर प्वॉइंटिंग का काम किया गया है, जिससे कि बारिश के पानी से वो प्रभावित नहीं हो। दरगाह में पत्थर की एक बीम में करीब एक दशक पूर्व क्रैक आ गया था। तब उसे पाड़ लगाकर रोक दिया गया था। तबसे यह इसी स्थिति में है। अब संरक्षण कार्य के दौरान पुरानी पत्थर की बीम को बदला जाना है। इसके लिए दरगाह की छत को खोला जा रहा है। पत्थर की नई बीम भी मंगा ली गई है। पुरानी बीम हटाकर नई बीम लगाई जाएगी। नई बीम लगाने के बाद छत की मरम्मत कर दी जाएगी। इससे दरगाह में लंबे समय से लगी पाड़ भी हट जाएगी। काम में देरी इसलिए हुई क्योंकि बड़े साइज का मार्बल पत्थर आसानी से उपलब्ध नहीं हो सका।

अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि दरगाह की छत पर संरक्षण का काम चल रहा है। इसे पूरा होने में अभी समय लगेगा। 

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Posted By: Tanu Gupta

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