आगरा(जागरण संवाददाता): पद्मभूषण गीतकार और कवि गोपाल दास नीरज की पार्थिव देह भले ही काल में विलीन हो जाए लेकिन उनका कृतित्व हमेशा अमर रहेगा। उनकी रचनाएं सदैव ही जीवित रहेंगी। दिवंगत कवि के निधन पर श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ये कहा। शनिवार को 14, न्यू सरस्वती नगर, बल्केश्वर में महाकवि के अंतिम दर्शन करने के लिए खास ओ आम की भीड़ जुट गई। सुबह करीब आठ बजे दिल्ली से उनकी पार्थिव देह लेकर परिजन जब पहुंचे तो पहले से सगे संबंधियों सहित साहित्यकार, राजनेता, अधिकारियों का तांता लगा हुआ था। करीब दस बजे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कवि नीरज के अंतिम दर्शन को पहुंचे। उन्होंने महाकवि के लिए कहा कि सत्ता में आने पर इटावा में नीरज जी की स्मृति में स्मारक बनवाएंगे। महाकवि का नाम विश्वपटल तक है। देश ही नहीं पूरी दुनिया में नीरज जी एक बड़ा नाम हैं। उनकी स्मृति में जो स्मारक बनेगा उसकी पहचान भी विश्वस्तर पर देने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि नीरज जी का जाना सिर्फ साहित्य जगत के लिए ही नहीं बल्कि संपूर्ण जगत के लिए ही क्षति है। अखिलेश यादव सैफई से सीधे आगरा पहुंचे थे।

पूर्व मुख्यमंत्री के कुछ देर बाद ही सपा नेता शिवपाल यादव भी कवि नीरज को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। उनके साथ ही पूर्व मंत्री राम सकल गुर्जर, रामजी लाल सुमन भी नीरज जी के परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। करीब साढ़े ग्यारह बजे महाकवि के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए अलीगढ़ ले जाया जाएगा।

बता दें कि कवि नीरज का निधन गुरुवार को दिल्ली के एम्स में हृदयगति रुकने से हो गया था। इससे पूर्व दो दिन आगरा के ही हॉस्पीटल में इलाज चला था।

Posted By: Jagran

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