जागरण संवाददाता, आगरा: तबादले से नाराज साढ़े चार सौ सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी आइएसबीटी स्थित नगर निगम की कर्मशाला में पहुंचे। कर्मचारियों ने ताला जड़ दिया। गेट के सामने धरने पर बैठ गए। धरना शाम चार बजे तक जारी रहा। कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। उधर, पहले दिन की हड़ताल के चलते हालात बिगड़ गए। 750 में 650 मीट्रिक टन (एमटी) कूड़ा ही उठाया जा सका।

पिछले सप्ताह नगर निगम के साढ़े चार सौ सफाई कर्मचारियों के तबादले हुए हैं। एक सफाई यूनियन ने इसका विरोध किया और निगम में धरना दिया। सोमवार सुबह साढ़े सात बजे बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी निगम की कर्मशाला के बाहर पहुंच गए। अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मशाला से 50 ट्रैक्टर-ट्राली निकली थीं। एक भी ट्रिपर व अन्य वाहन नहीं निकले थे। गेट पर ताला बंद कर दिया। इससे 300 वाहन नहीं निकल सके। हड़ताल के चलते कुछ क्षेत्रों में झाड़ू लगी तो कुछ में नहीं लग सकी। शहर से 100 एमटी कूड़ा उठा बाकी 650 एमटी कूड़ा पड़ा रहा। मौके पर अपर नगरायुक्त विजय कुमार, डॉ. एमएम अग्रवाल सहित अन्य अफसर पहुंच गए, लेकिन बैठक बेनतीजा रही। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि तबादला रद करने और संविदा कर्मचारियों को सुपरवाइजर पद से हटाने की प्रमुख मांग है। धरने में श्याम सुंदर करुणेश, रामलाल विद्यार्थी, विशाल राजपूत, सोनू चौहान, संजय कुमार, राकेश चौहान सहित अन्य शामिल रहे।

70 फीसद क्षेत्रों में लगी झाड़ू

नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार 70 फीसद क्षेत्रों में झाड़ू लगी। कर्मशाला से गाड़ियां न निकलने के कारण कूड़ा नहीं उठ सका।

तीन हजार के करीब हैं कर्मचारी

नगर निगम में तीन हजार स्थायी और तीन हजार अस्थायी कर्मचारी हैं। हड़ताल पर एक हजार के करीब कर्मचारी हैं।

सड़कों पर बिखरा रहा कूड़ा

हड़ताल के चलते सड़कों पर कूड़ा बिखरा रहा। कुछ जगहों पर कूड़े को डलावघरों तक पहुंचा गया। यह कार्य संविदा सफाई कर्मचारियों ने किया, लेकिन 60 फीसद स्थलों में कूड़ा पड़ा रहा।

बेअसर है हड़ताल

नगर निगम में आधा दर्जन से अधिक सफाई कर्मचारियों की यूनियन हैं। एक यूनियन को छोड़कर अन्य कोई भी हड़ताल पर नहीं है। इसकी जानकारी अफसरों को दी है।

मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी

नगर निगम के अफसर सफाई कर्मचारी नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी में जुटे हैं। शाम को अफसरों की बैठक हुई जिसमें सरकारी कार्य में बाधा और दबाव बनाने पर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। यहां तक अफसर हरीपर्वत थाने में भी पहुंच गए।

- सफाई कर्मचारियों के तबादले रुटीन प्रक्रिया है। कुछ वार्डो में कम कर्मचारी तैनात थे, जिसे बैलेंस किया गया है। विरोध सही नहीं है।

अरुण प्रकाश, नगरायुक्त

- सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण कराया जा रहा है। किसी का भी उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।

नवीन जैन, मेयर

Posted By: Jagran

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