आगरा, जागरण संवाददाता। एक वेबिनार में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर आयुक्त ने उद्यमियों और कारोबारियों से किसी भी विभागीय समस्या के लिए कर सलाहकारों की जगह सीधे संपर्क करने का बयान दिया था। साथ ही रिटर्न में देरी का कारण उनकी व्यस्तता को करार दिया था। इससे कर अधिवक्ताओं में आक्रोश है। मामले में उप्र कर अधिवक्ता संगठन के आगरा जोन चेयरमैन एड. राजीव चंदेल ने तो मामले में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से लिखित शिकायत भी की है।

उन्होंने बयान को गैर जिम्मेदाराना, कर अधिवक्ताओं की छवि धूमिल करने वाला व अपमानजनक करार दिया। उनका कहना है कि कर अधिवक्ता दिन-रात एक कर जीएसटी प्रक्रिया व पोर्टल को अधिक उपयोगी व सार्थक बनाने को महत्वपूर्ण सुझाव देते हैं। दिन-रात मेहनत करके कर अधिवक्ता बिना छुट्टी लिए परिवार को छोड़कर जीएसटी प्रक्रिया सफल बनाने का प्रयास करते हैं। जबकि अधिकारी स्वयं पांच दिन काम करते हैं। हम विभाग व व्यापारी के बीच रोड़ा नहीं, सेतु हैं।

टैक्सेशन बार एसोसिएशन ने की शिकायत

मामले में टैक्सेशन बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने सीजीएसटी आयुक्त से मिलकर मामले में शिकायत दर्ज कराई। हालांकि आयुक्त ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया। लेकिन अधिवक्ताओं का कहना है कि उनकी छवि से खिलवाड़ नहीं चलेगा। इस दौरान एड. भुवनेंद्र वाष्र्णेय, एड. मनोज शर्मा, एड. ब्रिजेंद्र बघेल आदि मौजूद रहे।

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