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त्योहारों पर चांदी हुई सस्ती तो चमका सराफा बाजार, पारले-जी बिस्कुट और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की बढ़ी डिमांड

Published: Sun, 25 Oct 2026 12:22 PM (IST)

चांदी के दामों में गिरावट से त्योहारी सीजन में आगरा के सराफा बाजार में रौनक लौट आई है। हल्के के साथ अब भारी वजन की लक्ष्मी-गणेश मूर्तियों।

लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति और चांदी के बने बिस्कुट

लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति और चांदी के बने बिस्कुट

HighLights

  1. चांदी के दाम गिरने से त्योहारी बाजार में रौनक।

  2. लक्ष्मी-गणेश मूर्तियों और सिक्कों की मांग में वृद्धि।

  3. पारले-जी बिस्कुट डिजाइन चांदी उत्पादों की लोकप्रियता बढ़ी।

जागरण संवाददाता आगरा। नवरात्र से शुरू हुए त्योहारी सीजन में कारोबार में लौटी रौनक को चांदी के दामों में आई गिरावट ने और बढ़ा दिया है। पहले जहां हल्के वजन की होलाेग्राम वाली लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों को अधिक पसंद किया जा रहा था, अब 150, 200 और 250 ग्राम वजनी मूर्तियों के आर्डर मिलने लगे हैं। यही स्थिति सिक्कों के बाजार की भी है। यही स्थित करवाचौथ के बाजार में पायल और बिछुओं की भी है।

आगरा देश के प्रमुख चांदी कारोबार केंद्रों में शामिल है। यहां एक दिन में करीब पांच टन चांदी का कारोबार होता है। यहां बनने वाली पायल, चेन, बिछुओं, ब्रेसलेट की मांग देशभर में रहती है। धनतेरस पर चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, पूजा की थालियां और उपहार में दिए जाने वाले चांदी के उत्पाद देशभर में भेजे जाते हैं। दीपावली पिछले वर्ष 20 अक्टूबर को थी।

उस दिन चांदी 1.66 लाख रुपये प्रति किग्रा थी। उसके बाद जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई पर चांदी करीब 4.10 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। इसके बाद चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अक्टूबर में स्थिरता देखने को मिली। एक अक्टूबर को चांदी करीब 2.29 लाख रुपये प्रति किलो थी।

शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू हुए। उस दिन चांदी करीब 2.28 लाख रुपये की एक किलो रही। दाम स्थिर होने से ग्राहकों का विश्वास लौटा। नवरात्र के बाद चांदी के दाम में काफी गिरावट आई है। 24 अक्टूबर (शनिवार) को चांदी घटकर दो लाख एक हजार रुपये प्रति किग्रा रह गई।

चांदी के भाव में आई गिरावट का असर कारोबार पर देखने काे मिला है। चांदी के भाव में गिरावट से पहले जहां हल्के वजन की मूर्तिणां, सिक्के, पायल, बिछुए पसंद किए जा रहे थे, अब एक बार फिर थोड़े अधिक वजन वाली मूर्तियों, सिक्कों, पायल और बिछुओं के आर्डर कारोबारियों को मिलने लगे हैं। दीपावली उत्तर भारत में अधिक जोर-शोर से मनाई जाती है, इसलिए उत्तर भारतीय राज्यों से ऑर्डर अधिक आए हैं।

पारले-जी का बिस्कुट किया जा रहा पसंद

चांदी बाजार में इस बार पांच, 10, 15 और 20 ग्राम वजन में पारले-जी के बिस्कुट आए हैं। यह डिजाइन में पारले-जी के बिस्कुट की तरह हैं, जिन्हें ग्राहक पसंद कर रहे हैं।

एक ग्राम का सिक्का

धनतेरस पर 10 ग्राम वाले लक्ष्मी-गणेश के सिक्के की मांग अधिक रहती है। चांदी की बढ़ती कीमतों को ध्यान में रखते हुए सिक्का कारोबारियों ने हल्के वजन के सिक्के बनाए हैं। एक ग्राम, दो ग्राम, पांच ग्राम वजन में भी सिक्के उपलब्ध हैं। इसी तरह होलोग्राम (खोखली) वाली मूर्तियां पांच ग्राम वजन तक में उपलब्ध हैं।

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पहले जो पायल 30 से 40 ग्राम में बनती थी, अब वह 12 से 15 ग्राम में भी बन रही है। चेन 1.5 से दो ग्राम और चार से पांच ग्राम वजन में भी बनाई जाने लगी हैं। लक्ष्मी-गणेश की जो मूर्तियां 30 से 40 ग्राम वजन में बनाई जाती थीं, अब वह पांच ग्राम वजन में बनाई जाने लगी हैं।

चांदी के भाव कम होने से 150 से 250 ग्राम वजन की लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां पसंद की जा रही हैं। होलोग्राम वाली मूर्तियां भी कम वजन के चलते ग्राहक पसंद कर रहे हैं।- विनय दौनेरिया, मूर्ति कारोबारी

चांदी के दाम में लगातार आ रही गिरावट के चलते ग्राहक अभी इंतजार कर रहे हैं। उन्हें इंतजार है कि आने वाले दिनों में चांदी के दामों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।- मनोज गुप्ता, एमके ज्वेलर्स

चांदी के भाव में गिरावट आने से इन दिनों बाजार में काम अच्छा है। पिछली दीपावली की अपेक्षा करीब 60 प्रतिशत ऑर्डर मिले थे। दाम कम होने के बाद आर्डर बढ़े हैं।- ब्रजमोहन रैपुरिया, अध्यक्ष आगरा सराफा मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन