आगरा रोडवेज में नकली UDID कार्ड का भंडाफोड़, अपडेटेड ई-टिकटिंग मशीनों ने खोली फर्जीवाड़े की पोल
आगरा रोडवेज में अपडेटेड ई-टिकट मशीनें फर्जी यूडीआईडी कार्ड से यात्रा करने वालों का भंडाफोड़ कर रही हैं। प्रतिदिन लगभग एक दर्जन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।

ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।
HighLights
अपडेटेड ई-टिकट मशीनें फर्जी यूडीआईडी कार्ड का खुलासा कर रही हैं।
आगरा रोडवेज में प्रतिदिन लगभग एक दर्जन फर्जी कार्ड पकड़े जा रहे।
फर्जी कार्ड जब्त कर यात्रियों को पूरा किराया लेकर टिकट दिया जा रहा।
जागरण संवाददाता, आगरा। रोडवेज बसों में दिव्यांगता के फर्जी यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (यूडीआइडी) कार्ड से सफर करने वाले लोगों की पोल खुलने लगी है।
अपडेट हुई ई-टिकट मशीन स्कैन करते ही उसकी असली और नकली की कहानी बयान कर देते हैं। हर रोज एक दर्जन के करीब ऐसे लोग पकड़ में आ रहे हैं। ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने के बजाय उनकी टिकट बनाकर छोड़ दिया जाता है।
हाल ही में ई-टिकट मशीन को अपडेट किया गया है। जिससे यूडीआइडी कार्ड के अलावा अन्य कार्डों को स्कैन कर एंट्री दर्ज की जाती है। इसके पहले यह व्यवस्था मैन्युअली थी। जिससे फर्जी और नकली कार्ड की पहचान नहीं हो पाती थी।
आगरा क्षेत्र से लगभग 750 बसों का संचालन होता है। जिनमें फर्जी यूडीआइडी और उसकी फोटाे कापी को स्कैन करते ही पता चल रहा है। हर रोज ऐसे लगभग एक दर्जन लोग पकड़ में आ रहे हैं।
फर्जी यूडीआइडी और उसकी फोटो कापी को जब्त कर लिया जाता है। यात्रियों के सत्यापन में अब ई-टिकटिंग मशीन अहम भूमिका निभा रही है। दिव्यांग यात्रियों को मिलने वाली सुविधा में भी लोग सेंध मारी कर रहे हैं। पहले परिचालक को कार्ड दिखाकर यात्रा करने की स्थिति में उसकी वास्तविकता की जांच करना मुश्किल होता था। अब ऐसा नहीं है।
क्या हैं यूडीआइडी कार्ड
यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (यूडीआइडी) दिव्यांगजनों की पहचान के लिए जारी किया जाने वाला आधिकारिक कार्ड है। रोडवेज में किराये में छूट या निश्शुल्क यात्रा का लाभ संबंधित राज्य परिवहन निगम के लागू नियमों और पात्रता की शर्तों के अनुसार मिलता है। हर दिव्यांग व्यक्ति के लिए प्रत्येक श्रेणी की बस में एक जैसी छूट होना जरूरी नहीं है।
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कार्रवाई से बचते हैं परिचालक
फर्जी यूडीआइडी कार्ड पाए जाने पर कार्रवाई कराए जाने का प्रविधान है, लेकिन कोई भी परिचालक इस पचड़े में नहीं पड़ना चाहता है। केवल फर्जी कार्ड को जब्त कर उसकी टिकट बना दी जाती है। कार्रवाई केवल यहीं तक सीमित है।
ई-टिकटिंग मशीन अपडेट होने के बाद फर्जी यूडीआइडी कार्ड के जरिये यात्रा करने वाले लोग पकड़ में आने लगे हैं। ऐसे लोगों की टिकट बनाई जाती है। फर्जी यूडीआइडी कार्ड को जब्त कर लिया जाता है।
बीपी अग्रवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक
