आगरा में अनूठा विरोध, 'झुनझुना' बजा यमुना की बदहाली पर जगाई सरकार
आगरा में रिवर कनेक्ट कैंपेन ने यमुना की बदहाली और सरकारी उदासीनता के विरोध में 'झुनझुना दिवस' मनाया। प्रदर्शनकारियों ने ...और पढ़ें

आगरा में यमुना की तलहटी में झुनझुना बजाकर प्रदर्शन सामाजिक कार्यकर्ता।
HighLights
रिवर कनेक्ट कैंपेन ने आगरा में 'झुनझुना दिवस' मनाया।
यमुना की बदहाली और सरकारी उदासीनता का अनोखा विरोध।
जागरण संवाददाता, आगरा। यमुना की बदहाली और सरकारी उदासीनता के विरोध में रविवार को रिवर कनेक्ट कैंपेन के सदस्यों ने यमुना आरती स्थल पर अनोखे अंदाज में झुनझुना दिवस मनाया। सदस्यों ने झुनझुने बजाकर जनप्रतिनिधियों को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाई। इस दौरान ‘आगरा को क्या मिला? झुनझुना, झुनझुना!’ के नारे लगाए गए।
संयोजक बृज खंडेलवाल ने कहा कि संगठन लंबे समय से यमुना के पुनर्जीवन की मांग उठा रहा है। नदी में सालभर ताजे पानी का अविरल प्रवाह सुनिश्चित करने, ताजमहल के डाउनस्ट्रीम में बैराज बनाने, तलहटी से गाद और गंदगी हटाने तथा यमुना की सहायक नदियों के संरक्षण की जरूरत है। उन्होंने साबरमती नदी माडल की तर्ज पर यमुना रिवरफ्रंट विकसित करने की मांग भी उठाई।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से लगातार यमुना की बदहाली पर संघर्ष किया जा रहा है। 12 साल तक शहरवासी यहां विभिन्न तरह से आवाज उठाते रहे। शाम को यमुना आरती की जा रही है। रेत से स्नान किया गया लेकिन आगरा के 9 विधायकों और दोनों सांसदों, राज्यसभा सदस्य ने यमुना का कल्याण कराने के लिए कोई पहल अब तक नहीं की है।
डा. देवाशीष भट्टाचार्य ने कहा कि यमुना ब्रज मंडल की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण के लिए समयबद्ध कदम उठाने जरूरी हैं। कार्यक्रम में डा. हरेंद्र गुप्ता, चतुर्भुज तिवारी, मीरा खंडेलवाल, डा. ज्योति खंडेलवाल, विशाल झा, राकेश गुप्ता, जगन प्रसाद तेहरिया, पंडित जुगल किशोर, अभिनव, डा. मुकुल पंड्या, पद्मिनी अय्यर, शशिकांत उपाध्याय, रंजन शर्मा और मुकेश चौधरी, दिनेश शर्मा आदि उपस्थित रहे। अंत में गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय ने विशेष यमुना आरती कराई। वि.